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ब्रिक्स के बाद मिलिट्री डिप्लोमेसी: सेना प्रमुख धीरज सेठ रूस रवाना, रक्षा सौदों की गति बढ़ाने पर चर्चा

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:05 PM (IST)

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस की यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य भारत-रूस के दशकों पुराने रक्षा संबंधों और सैन्य सहयोग को मजबूत करना है।

सेना प्रमुख धीरज सेठ रूस रवाना।

सेना प्रमुख धीरज सेठ रूस रवाना।

HighLights

  1. सेना प्रमुख धीरज सेठ 16-18 सितंबर 2026 तक रूस यात्रा पर।

  2. भारत-रूस रक्षा साझेदारी और सैन्य सहयोग को मजबूत करना मुख्य उद्देश्य।

  3. रूसी हथियारों की आपूर्ति गति बढ़ाने पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वैश्विक रणनीतिक और सामरिक कूटनीति में जारी भारी उतार-चढ़ाव के दौर के बीच भारत और रूस अपने दशकों पुराने अपने प्रगाढ़ संबंधों और सैन्य सहयोग को मजबूती बनाए रखने को लेकर दृढ़ हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन में आए रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के तत्काल बाद सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की मॉस्को यात्रा इसका सबूत है।

सेना प्रमुख इस यात्रा के दौरान जहां रूसी सैन्य बलों संग भारतीय सैन्य कूटनीति की साझेदारी के दायरे के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे वहीं भारतीय सेना के हथियारों के बेड़े में शामिल रूस निर्मित सैन्य सज्जा-समानों की आपूर्ति की गति तेज करने के मुद्दे पर भी बातचीत करेंगे।

ब्रिक्स सम्मेलन के तुरंत बाद सेना प्रमुख का मॉस्को दौरा बेशक दोनों देशों के नेतृत्व की मिलिट्री डिप्लोमेसी को भी बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता और उत्सुकता का भी प्रमाण है।

तीन दिवसीय रूस यात्रा पर सेना प्रमुख

रक्षा मंत्रालय ने कहा भी कि सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की 16 से 18 सितंबर 2026 तक रूस की तीन दिन की आधिकारिक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी तथा सैन्य सहयोग को और मजबूत करना है।

इस यात्रा के दौरान जनरल सेठ रूसी थल सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव के साथ आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे जिसमें प्रोफेशनल मिलिट्री सहयोग और ट्रेनिंग शामिल है। भारतीय सेना प्रमुख मॉस्को में ''टांब ऑफ द अननोन सोल्जर'' (अज्ञात सैनिक स्मारक) पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे और नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे।

जनरल धीरज सेठ सेना प्रमुख मॉस्को स्थित राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र का दौरा कर रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान रक्षा उद्योग और खरीद से जुड़े मामलों के प्रभारी रूस के उप रक्षामंत्री वासिली सर्गेयेविच ओस्माकोव से बातचीत होगी।

रूसी सैन्य साजो-समान भारतीय सेना के बेड़े के अहम हिस्से

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन मुलाकातों से मौजूदा सैन्य घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करने और रक्षा सहयोग बढ़ाने के अवसरों का लाभ मिलेगा। रूसी सैन्य साजो-समान भारतीय सेना के बेड़े के अहम हिस्से हैं।

कई हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति की गति बढ़ाना जरूरी है। इसमें असॉल्ट राइफल से लेकर टैंक, रॉकेट लॉन्चर और एयर-डिफेंस सिस्टम तक रूसी उपकरण सेना के इन्वेंट्री का एक बड़ा हिस्सा हैं।

सेना प्रमुख सेंट पीटर्सबर्ग स्थित मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा कर वहां अकादमी के नेतृत्व और संकाय से बातचीत भी करेंगे।

सेना प्रमुख की यात्रा को अहम बताते हुए रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह दौरा दोनों देशों द्वारा सतत सैन्य कूटनीति और आपसी सैन्य संपर्क के महत्व को दर्शाता है। इससे सैन्य सहयोग को गहरा करने और भारत एवं रूस के बीच दीर्घकालिक रक्षा संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।