नई दिल्ली, एएनआइ। रक्षा मंत्रालय (Defence Ministry) के मुताबिक भारतीय सशस्त्र सेना ने अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में बड़े पैमाने पर एम्फैक्स-21 के साथ संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास 'कवच' को अंजाम दिया है। अंडमान और निकोबार कमान के तहत इस सैन्य अभ्यास को आयोजित किया गया। इसमें पूर्वी नौसेना कमांड (ENC) और सेना की दक्षिणी कमांड (SC) के तत्वावधान में सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक शामिल हुए हैं।

तटरक्षकों के साजोसामानों का भी इस युद्धाभ्यास में हुआ उपयोग

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास में अंडमान और निकोबार कमान के सभी बलों की भागीदारी और तैनाती सुनिश्चित की गई। सेना के दक्षिण कमान के जंगी बेड़ों, पनडुब्बियों के अलावा नौसेना की ईस्टर्न फ्लीट के जहाजों और मरीन कमांडो भी शामिल हुए हैं। भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान और जगुआर मरीन टाइम स्ट्राइक व तटरक्षकों के साजोसामानों का भी इस युद्धाभ्यास में उपयोग हुआ।

सशस्त्र हेलीकॉप्टरों ने समुद्र और जमीन पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों पर लगाया निशाना

इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में सेना, नौसेना और वायुसेना के बलों ने युद्धभ्यास के लिए कूच किया। उन्हें समुद्र के रास्ते और वायुमार्ग से गंतव्य तक पहुंचाया गया। सभी एजेंसियों के बीच समुचित तालमेल रहा। युद्धक्षेत्र के लिए तैयारी करते हुए मारकोस के साथ उनकी युद्ध सामग्री और हवा से नीचे पानी में गिराई जाने वाली नौकाएं भी अंडमान के समुद्र में गिराई गईं थीं। ताकि मरीन कमांडो तेजी से अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें। एमआइ-17 वी5 सशस्त्र हेलीकॉप्टरों ने समुद्र और जमीन पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों पर निशाना लगाया।

दक्षिणी कमान के आइएनएस जलाशवा, ऐरावत जहाज भी हुए शामिल

मंत्रालय ने कहा कि प्रशिक्षण सैन्य अभ्यास के दौरान दक्षिणी कमान के आइएनएस जलाशवा, ऐरावत, गुल्दार और एलसीयू एमके-4 श्रेणी के जहाजों के साथ 600 बलों के साथ टैंक और अन्य भारी हथियारों के साथ इस प्रशिक्षण अभियान में शामिल हुए।

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