नई दिल्ली, आइएएनएस। भारत सरकार ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को आर्थिक और सामरिक केंद्र के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है। 'भारत-आसियान संपर्क शिखर सम्मेलन' को संबोधित करते हुए विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने सोमवार को यह जानकारी दी। इसका आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) की ओर से किया गया था।

जनरल सिंह ने कहा कि भारत और आसियान देशों के पास कई द्वीप हैं। इसलिए समुद्री संपर्क पर जोर देने का समय आ गया है। भारत आसियान के 10 देशों के साथ क्षेत्रीय समुद्री परिवहन प्रणाली विकसित करने में सहयोग करेगा। इनमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि भारत और आसियान देशों के बीच पर्यटन, समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। अंडमान निकोबार द्वीप समूह भारतीय सैन्य बलों के लिए बड़ा सामरिक केंद्र है। इसके अलावा पोर्ट ब्लेयर एकमात्र ऐसी जगह है, जहां तीनों सेनाओं की संयुक्त कमान है।

भारत-आसियान वार्ता सहयोग के 25 साल पूरे होने के मौके पर आसियान देशों के नेता जनवरी में नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। 10 आसियान देशों के नेता गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि भी होंगे। इससे ठीक पहले 'भारत-आसियान संपर्क शिखर सम्मेलन' का आयोजन किया गया है।

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Posted By: Ravindra Pratap Sing

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