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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन के DeepSeek से लीक तो नहीं हो रहा भारत का डाटा! क्या बोले आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव?

Published: Thu, 30 Jan 2025 10:22 PM (IST)

चीन के DeepSeek के भारत में उपयोग से डेटा लीक तो नहीं हो रहा है। इसके लिए डीपसीक को भारत ...और पढ़ें

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- भारत अपने सर्वर पर डीपसीक का मूल्यांकन करेगा। फोटो: जागरण
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- भारत अपने सर्वर पर डीपसीक का मूल्यांकन करेगा। फोटो: जागरण

HighLights

  1. भारत में डीपसीक के इस्तेमाल को लेकर नहीं है खास उत्साह
  2. अपने सर्वर पर डीपसीक का मूल्यांकन करेगा भारत: अश्विनी वैष्णव

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में चीन के एआई मॉडल डीपसीक की निजता सुरक्षा व डाटा प्रबंधन नीति पर शंका जताने के बाद भारत ने भी डीपसीक का मूल्यांकन अपने सर्वर पर करने का फैसला किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि डीपसीक ओपन एआई है, इसलिए भारत के सर्वर पर इसका मूल्यांकन व इसे होस्ट किया जा सकता है।

उसके बाद डीपसीक का उपयोग डाटा के लिहाज से सुरक्षित होगा। वैसे भी, कोई एप कितना सुरक्षित है, इसका मूल्यांकन किया जाता है। मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि डीपसीक को भारत के सर्वर पर जांचने से यह पता चल जाएगा कि इससे कहीं कोई डाटा लीक तो नहीं हो रहा है या इस्तेमाल करने वालों की ट्रैकिंग जैसी चीजें तो नहीं हो रही है।

सुरक्षा एजेंसी करती है ऐसे एप की जांच

उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा एजेंसी इस प्रकार के सभी एप की जांच करती है। देश के सर्वर पर डीपसीक को चलाने पर हमारा डाटा बाहर नहीं जाएगा। अभी डीपसीक का इस्तेमाल करने पर हमारा डाटा उनके सर्वर पर जा रहा है, जैसा गूगल का इस्तेमाल करने पर होता है। अभी अरुणाचल प्रदेश जैसे मामलों पर डीपसीक सही जानकारी नहीं दे रहा है। देश के सर्वर पर डीपसीक होस्ट करने पर इन मामलों को ठीक किया जा सकेगा।

डीपसीक को लेकर भारत में खास उत्साह नहीं

उन्होंने बताया कि डाउनलोडिंग का जो डाटा प्राप्त हो रहा है उसके हिसाब से अभी भारत में डीपसीक के इस्तेमाल को लेकर कोई खास उत्साह नहीं है। आने वाले समय में हर सेक्टर में एआई के व्यापक इस्तेमाल को देखते हुए सरकार एआई सुरक्षा का फ्रेमवर्क भी तैयार कर रही है।

एआई सुरक्षा टूल तैयार करने में जुटे इंजीनियरिंग संस्थान

टेक्नो-लीगल प्रविधानों को ध्यान में रखते हुए एआई सुरक्षा टूल तैयार करने में देश की प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान जुटे हुए हैं। एआई सुरक्षा से जुड़ी आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस काम के लिए एक वर्चुअल यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की जा रही है।

8-10 महीने में होगा भारत का अपना एआई

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि अगले 8-10 महीनों में भारत के पास अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) फाउंडेशनल मॉडल होगा। ये एआई मॉडल भारत की सुरक्षा, भारत की भाषा, संस्कृति को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जा रहे हैं और भारत का एआई मॉडल पूरी दुनिया के लिए उपपलब्ध होगा।