नई दिल्ली, प्रेट्र। कारोबार के नाम पर मनी लांड्रिंग एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियां रोकने के लिए लंदन, हांगकांग, दुबई और ब्रसेल्स में सीमा शुल्क गुप्तचर अधिकारी तैनात किया जाएगा। सीमा शुल्क जासूस के रूप में तैनात करने के लिए उपयुक्त अधिकारी की तलाश की जा रही है। यह जानकारी सोमवार को एक अधिकारी ने दी। अभी तक कई देशों में ऐसे अधिकारी तैनात किए जा चुके हैं।

अधिकारियों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू 

सीमा शुल्क जालसाजी और तस्करी रोकने संबंधी प्रमुख एजेंसी राजस्व गुप्तचर निदेशालय (डीआरआइ) ने सीमा शुल्क के विदेशी गुप्तचर नेटवर्क (सीओआइएन-कॉइन) अधिकारियों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। चुने गए अधिकारियों को इन जगहों पर तैनात किया जाएगा। इन अधिकारियों को दुबई और हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूतावास में वाणिज्यदूत के रूप में और लंदन एवं ब्रसेल्स में भारतीय उच्चायोग में प्रथम सचिव के रूप में तैनात किया जाएगा।

मनी लांड्रिंग एवं विदेशों से चलने वाली अन्य वित्तीय जालसाजी पर रहेगी नजर

इस साल के शुरू में सरकार ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में और गुआंगझोउ स्थित महावाणिज्य दूतावास में कॉइन के दो पद सृजित किए थे। अधिकारी ने कहा कि कॉइन अधिकारी व्यापार आधारित मनी लांड्रिंग एवं विदेशों से चलने वाली अन्य वित्तीय जालसाजी पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आम तौर पर वे जहां तैनात होते हैं वहां से जुटाई गई खुफिया जानकारी मुहैया कराते हैं जिससे भारतीय गुप्तचर एजेंसियों को मदद मिलती है। वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने के लिए मुख्य रूप से डीआरआइ को सूचना दी जाती है।

कई देशों में कॉइन तैनात किए जा चुके 

अधिकारी ने बताया कि नेपाल, सिंगापुर और अमेरिका एवं अन्य समेत कई देशों में कॉइन तैनात किए जा चुके हैं। यह पहला मौका नहीं है जब लंदन एवं अन्य जगहों पर कॉइन अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और उन्हें बदलने की जरूरत है।

Posted By: Tilak Raj

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