जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में हेपटाइटिस-सी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ने नया कार्यक्रम लांच किया है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में जानलेवा हेपटाइटिस-सी का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय वायरल हेपटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम को लांच करते हुए कहा कि 2030 तक हेपटाइटिस वायरल को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

पूरे देश में हेपटाइटिस-सी का होगा मुफ्त जांच और इलाज

हेपटाइटिस-सी के मुफ्त इलाज और इसके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसके लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत पूरे देश में हेपटाइटिस बी और सी की जांच और इलाज के लिए चुनिंदा अस्पतालों में सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। ताकि हेपटाइटिस-सी और बी के मरीजों की मुफ्त में जांच और इलाज किया जा सके।

जेपी नड्डा ने लांच किया राष्ट्रीय वायरल हेपटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम

दरअसल हेपटाइटिस-सी का इलाज काफी महंगा होने के कारण गरीब और मध्यवर्ग के लिए असंभव हो जाता है। इसके इलाज में सोफोबुविर नाम की एंटी-वायरल दवा दी जाती है। अमेरिका और यूरोप में इस दवा के पूरे कोर्स की लागत 63 हजार डालर (43 लाख 47 लाख रुपये) से 94 हजार डालर (64 लाख 86 हजार रुपये) तक आती है, लेकिन अब हेपटाइटिस-सी के मरीजों को इसकी चिंता नहीं करनी होगी। हेपटाइटिस लीवर कैंसर और लीवर सिरोसिस की प्रमुख वजह है।

स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक एस. वेंकटेश के मुताबिक देश में चार करोड़ लोग गंभीर हेपटाइटिस से पीडि़त हैं और यह दुनिया के कुल मरीजों का 11 फीसदी है। हेपटाइटिस-सी के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया।

 

Posted By: Bhupendra Singh

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