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भारत ने कहा, 'America-Iran सीजफायर के चलते होर्मुज से बिना रुकावट व्यापार की उम्मीद बढ़ी'

Published: Wed, 08 Apr 2026 01:46 PM (IST)Updated: Wed, 08 Apr 2026 02:10 PM (IST)

भारत ने मध्य पूर्व संघर्ष-विराम का स्वागत किया है, उम्मीद है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी। विदेश ...और पढ़ें

डोनल्ड ट्रंप, पीएम मोदी और मोजताबा खामेनेई (जागरण ग्राफिक्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति की वकालत करता रहा है।

चल रहे युद्ध की वजह से लोगों को बहुत ज्यादा तकलीफ उठानी पड़ी है साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भी रुकावट आई है। भारत को उम्मीद है कि इस सीजफायर से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते होने वाला वैश्विक व्यापार फिर से शुरू हो जाएगा।

भारत ने सीजफायर का किया स्वागत 

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हम इस सीजफायर का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में हमेशा के लिए शांति कायम होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार कहा है, इस चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत करना और कूटनीति का सहारा लेना बहुत जरूरी है।'

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सीजफायर पर कैसे बनी सहमती?

बता दें, US और ईरान के बीच के दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमती बनी है। यह सहमति ईरान पर हुए हवाई हमलों के 39 दिन बाद बनी।

इससे पहले US के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अगर 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' इस बात पर सहमत हो जाता है कि वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोल देगा, तो मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोक दूंगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'अगर ईरान पर होने वाले हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी सेना भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक देगी।