यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'कुछ देश केवल इसलिए दादागिरी कर पा रहे हैं, क्योंकि...', ट्रंप टैरिफ पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी?
अमेरिका द्वारा भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के एलान के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आर्थिक ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ पर नितिन गडकरी ने रखी अपनी बात।
- नितिन गडकरी ने कहा- कुछ देश दादागिरी इसलिए कर पा रहे हैं क्यों कि उनके पास तकनीक है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। ट्रंप के इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव आ गया है। इस बीच टैरिफ के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी बात रखी है।
उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज की दुनिया में जो देश दादागिरी कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास तकनीक है। आइए आपको बताते हैं गडकरी ने और क्या कहा?
'भारत को आयात की निर्भरता को कम करना होगा'
दरअसल, शनिवार को महाराष्ट्र के विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के निर्यात को बढ़ाने और आयात को कम करने की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर हमारे निर्यात और अर्थव्यवस्था की दर बढ़ती है, तो मुझे नहीं लगता कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत पड़ेगी। जो लोग दादागिरी कर रहे हैं, वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास तकनीक है। अगर हमें बेहतर तकनीक और संसाधन मिल जाए, तो हम किसी पर धौंस नहीं जमाएंगे, क्योंकि हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि विश्व कल्याण सबसे महत्वपूर्ण है।
'सभी समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक काफी अहम'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस दौरान कहा कि हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन सभी समस्याओं का समाधान विज्ञान और प्रौद्योगिकी, यानी ज्ञान है, जो एक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत को विश्वगुरु बनना है तो निर्यात बढ़ाना और आयात कम करना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुसंधान संस्थानों, आईआईटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शोध करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य क्षेत्रों में शोध भी उतना ही महत्वपूर्ण है। (इनपुट पीटीआई के साथ)
