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ब्रिक्स के बाजार में छाएगा भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा, भारत ने सहयोगी देशों से की बाजार खोलने की अपील

Published: Fri, 11 Sep 2026 09:16 PM (IST)

भारत ने ब्रिक्स देशों से अपने बाजार खोलने और व्यापार प्रक्रिया को आसान बनाने का आग्रह किया है ताकि आपसी व्यापार बढ़े और सप्लाई चेन मजबूत हो।

ब्रिक्स के बाजार में छाएगा भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा।

ब्रिक्स के बाजार में छाएगा भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा।

HighLights

  1. भारत ने ब्रिक्स देशों से बाजार खोलने, व्यापार आसान करने की अपील की।

  2. इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स निर्यात में भारत की क्षमता पर जोर दिया।

  3. यूपीआई, सेमीकंडक्टर, एआई में सहयोग का प्रस्ताव रखा, खाद्य सुरक्षा पर बल।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार में एक चौथाई हिस्सेदारी रखने वाले ब्रिक्स देशों से भारत ने कहा है कि वे एक-दूसरे के लिए अपने-अपने बाजार को खोले और व्यापार की प्रक्रिया को आसान बनाए। इससे एक-दूसरे देश में व्यापार करना आसान होगा और ब्रिक्स देशों के बीच सप्लाई चेन मजबूत होगी। चीन समेत ब्रिक्स के कई सदस्य देश अपने बाजार में सभी वस्तुओं के व्यापार की इजाजत नहीं देते हैं।

गुरुवार को ब्रिक्स देशों के बिजनेस फोरम के प्रारंभिक सत्र में वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सभी देशों से कहा कि भारत इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रानिक्स का बड़ा निर्यातक देश है। भारत दुनिया की फार्मेसी भी बन चुका है। इसलिए ब्रिक्स देश इन आइटम की खरीदारी भारत से कर सकते हैं।

ऑटोमोबाइल्स, ऑटो पार्ट्स और विभिन्न प्रकार के सर्विस सेक्टर भी ब्रिक्स देश भारत से व्यापार कर सकते हैं, सेवा ले सकते हैं। ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार में भारत का निर्यात कम आयात अधिक बढ़ा है। भारत इस आयात को कम करना चाहता है। वर्ष 2003 में ब्रिक्स देशों के व्यापार का आकार 84 अरब डॉलर का था जो अब 1.3 लाख करोड़ डॉलर को पार कर चुका है।

गोयल ने कहा कि भारत में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप है और इनमें से एग्रीटेक स्टार्टअप के साथ ब्रिक्स देश की कंपनियां कृषि उत्पादन बढ़ाने पर साझा रूप से काम कर सकती है। ताकि दुनिया में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफायड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के बारे में ब्रिक्स देशों के मंत्रियों व प्रतिनिधिमंडल से गोयल ने कहा कि यूपीआई से सालाना 250 अरब ट्रांजेक्शन किया जाता है। ब्रिक्स के देश भारत की यूपीआई से अपनी भुगतान प्रणाली को लिंक कर सकते हैं।

इस मौके पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स देशों के बीच इनोवेशन व उद्यमिता के लिए एक पूरा इको-सिस्टम तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच इंक्यूबेटर नेटवर्क और स्टार्टअप इनोवेशन फंड तैयार किया जा सकता है और इसका लाभ सभी सदस्य देशों को मिलना चाहिए।

भारत एक बड़े आकार और लगातार बढ़ता हुआ बाजार है जहां बड़ी संख्या में कुशल युवा है, मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता है और उद्यमिता का आधार है। ऐसे में भारत एक स्वाभाविक पार्टनर देश बन जाता है।

वाणिज्य व उद्योग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा कि भारत मोबाइल फोन की तरह ही सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में बड़ा निर्माता बनने की ओर बढ़ रहा है। ब्रिक्स देश चिप निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में भारत के साथ मिलकर सहभागिता कर सकते है।