जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: एक दिसंबर 2022 को जी-20 देशों की अध्यक्षता संभालने के साथ भारत ने कुछ और भी जिम्मेदारी संभाली है। इसमें सबसे प्रमुख संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का दिसंबर, 2022 के लिए अध्यक्ष बनना। भारत अभी यूएनएससी का अस्थाई सदस्य है और इसकी सदस्यता दिसंबर, 2022 में ही समाप्त हो रही है। हर अस्थाई सदस्य को दो बार एक-एक महीने के लिए अध्यक्षता का दायित्व मिलता है। अगस्त, 2021 के बाद अब इस महीने भारत यह दायित्व संभालेगा।

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वासेनार का अध्यक्ष बना भारत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि इस महीने भारत की कोशिश होगी कि वह बहुवादी संस्थानों में सुधार के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम को मजबूत बनाने पर काम करे। भारत गुरुवार से वासेनार व्यवस्था का भी अध्यक्ष बन गया है। 42 देशों का यह बेहद प्रतिष्ठित संगठन है जिसमें भारत को दिसंबर, 2017 में ही शामिल किया गया है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीक हस्तांतरण खास तौर पर हथियारों से संबंधित तकनीक के हस्तांतरण को लेकर पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से काम करता है ताकि इनका गलत इस्तेमाल नहीं हो सके।

एससीओ की भी अध्यक्षता करेगा भारत

बताते चलें कि दुनिया में सैन्य दृष्टिकोण के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले चार अंतरराष्ट्रीय समझौतों में से तीन का सदस्य बन चुका है। वासेनार व्यवस्था इसमें शामिल है। चौथा समझौता परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) है जिसमें भारत के प्रवेश की राह में चीन सबसे बड़ा रोड़ा है। बताते चलें कि भारत को इस वर्ष शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की भी अध्यक्षता करनी है। सितंबर, 2022 में भारत को एससीओ का अध्यक्ष बनाया गया है।

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Edited By: Amit Singh

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