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अब कफ सिरप की बोतलों पर लाल रंग में छपेगी चेतावनी, 4 साल से कम उम्र के बच्चों को देना होगा वर्जित

Published: Sun, 20 Sep 2026 03:11 PM (IST)

केंद्र सरकार 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप की बोतलों पर लाल रंग की चेतावनी अनिवार्य करने जा रही है।

(एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

(एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. कफ सिरप पर 4 साल से कम बच्चों हेतु लाल चेतावनी।

  2. लेबल पर स्कूल जाने वाले बच्चों की तस्वीर का प्रस्ताव।

  3. छोटे बच्चों को दवा के गलत इस्तेमाल से बचाना लक्ष्य।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत जल्द ही कफ सिरप की बोतलों पर लाल रंग में यह स्पष्ट चेतावनी लिखी होगी कि यह दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। केंद्रीय दवा नियामक ने इसके लिए लेबलिंग नियमों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है।

क्या है नया प्रस्ताव और नियम?

बता दें कि दवा नियामक के प्रस्ताव के मुताबिक, कफ सिरप की हर बोतल पर 65% हिस्से में लाल रंग से यह चेतावनी साफ-साफ शब्दों में लिखी जाएगी कि इस दवा का इस्तेमाल 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए न किया जाए। इसके अलावा, यह भी प्रस्ताव है कि सिरप के लेबल पर स्कूल जाने की उम्र के बच्चों की एक तस्वीर भी लगाई जाए, ताकि माता-पिता आसानी से समझ सकें।

इस बदलाव को लागू करने के लिए सरकार को 'ड्रग्स रूल्स, 1945' के नियम 96 में संशोधन करना होगा। फिलहाल इस प्रस्ताव को 'ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी' के सामने विचार के लिए रखा गया है।

समझिए सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?

गौरतलब है कि छोटे बच्चों को सर्दी-खांसी की दवाएं दिए जाने और उसके बाद सामने आने वाली शिकायतों को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। अक्टूबर 2025 में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) की तरफ से सख्त निर्देश जारी किए गए थे कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को सर्दी-खांसी की दवाएं न लिखी जाएं।

इसके बावजूद लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि डॉक्टरों या मेडिकल स्टोर द्वारा छोटे बच्चों को इस तरह की कफ सिरप दी जा रही है। इसी लापरवाही को रोकने और माता-पिता को जागरूक करने के लिए अब दवा की बोतलों पर ही लाल रंग की बड़ी चेतावनी छापने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह के खतरे से बच्चों को बचाया जा सके।