नई दिल्ली (प्रेट्र)। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस मिसाइल को दिन में 11 बजकर 45 मिनट पर मोबाइल ऑटोनॉमस लांचर से छोड़ा गया। यह अपने निर्धारित मार्ग से सफलतापूर्वक गुजरा और अपने मिशन के लक्ष्य को पूरा किया। ब्रह्मोस का विकास भारत और रूस ने मिलकर किया है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि मंगलवार के परीक्षण के जरिये मेक इन इंडिया के तहत स्वदेश में विकसित बड़ी उप प्रणालियों की जांच की गई।

यह मिसाइल 8.4 मीटर लम्बा तथा 0.6 मीटर चौड़ी है। इसका वजन 3 हजार किलोग्राम है। यह 300 किग्रा. वजन तक विस्फोटक ढोने तथा 350 किमी. तक मार करने की क्षमता रखती है। यह सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल आवाज की गति से भी 2.8 गुना तेज जाने की क्षमता रखती है। इस मिसाइल को पानी के जहाज, हवाई जहाज, जमीन एवं मोबाइल लंचर से छोड़ा जा सकता है। इस मिसाइल को किसी भी दिशा में लक्ष्य की तरफ मनचाहे तरीके से छोड़ा जा सकता है।

ब्रह्मोस एक सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल है। यह घनी शहरी आबादी में भी छोटे लक्ष्यों को सटीकता से भेदने में सक्षम है। ब्रह्मोस मिसाइल दो चरणीय वाहन है। इसमें ठोस प्रोपेलेट बुस्टर तथा एक तरल प्रोपेलेट रैम जैम सिस्टम लगा हुआ है।

Posted By: Arti Yadav

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