भुवनेश्‍वर, एएनआइ। भारतीय सेना के स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड ने मंगलवार को ओडिशा के अब्‍दुल कलाम द्वीप से अग्नि-2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल की मारक क्षमता 2, 000 किमी से अधिक है। एक हफ्ते पहले अब्‍दुल कलाम द्वीप से ही अग्नि-1 मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया था।

लंबाई में अग्नि-2 अग्नि-1 से 15 मीटर लंबी है और इसका वजन 17 टन है। हालांकि अग्नि-1 की तरह ही अग्नि-2 मिसाइल भी अपने साथ 1000 किलो का भार ले जा सकती है और इसे सेना में शामिल किया जा चुका है। अग्नि-1 की तरह स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड द्वारा अग्नि-2 का प्रशिक्षण भी अभ्यास के हिस्से के तौर पर किया गया है।

अग्नि-2 का परीक्षण आज सुबह अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के पैड 4 पर मोबाइल लॉन्चर से किया गया। अब्दुल कलाम द्वीप’ को पहले व्हीलर आईलैंड के नाम से जाना जाता था। बताया जा रहा है कि अग्नि-2 की जद में पूरा पाकिस्‍तान आ सकता है।

छह फरवरी को अब्दुल कलाम द्वीप से अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया गया था। यह मिसाइल डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई है, जिसकी मारक क्षमता 700 किमी है। 15 मीटर की ऊंचाई वाली इस मिसाइल में लिक्विड और सॉलिड दोनों तरह के ईंधन का प्रयोग हो सकता है, जिसके चलते एक सेकंड में 2.5 किमी प्रति घंटे की दूरी तय करती है।

आपको यह भी बता दें कि हाल में भारत ने अग्नि 5 मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था। भारत के मिसाइल बेड़े में फिलहाल अग्नि-1, अग्नि-2, अग्नि-3, अग्नि-4 मिसाइलें हैं, जिनकी मारक क्षमता क्रमशः 700 किमी से 3500 किमी की है।

भारत की ताकत से डरेगा दुश्‍मन 
अग्नि -I (700 किमी की मारक क्षमता) 
अग्नि- II (2,000 किमी की मारक क्षमता)
अग्नि- III और अग्नि- IV ( 3,500 किमी की सीमा से अधिक मारक क्षमता)
भारत के पास हैं सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलें भी।
26 दिसंबर, 2016 को भारत ने अग्नि- V का भी किया सफल परीक्षण।

Posted By: Pratibha Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस