भुवनेश्‍वर, एएनआइ/पीटीआइ। Quick Reaction Surface to Air Missile system भारत ने सोमवार को सतह से हवा में मार करने वाले क्विक रिएक्शन सरफेस एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) का सफल परीक्षण किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने यह जानकारी दी। डीआरडीओ की ओर से यह परीक्षण सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर ओडिशा के तट से किया गया। ताजा परीक्षण से उम्‍मीद की जा रही है कि इस मिसाइल सिस्‍टम को साल 2021 तक सेना में शामिल कर लिया जाएगा।    

समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर रेंज में किया गया। डीआरडीओ की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस परीक्षण की निगरानी ग्राउंड टेलीमेट्री सिस्टम (ground telemetry systems), रेंज रडार सिस्टम (range radar systems) और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (electro optical tracking system) द्वारा की गई। इस मिसाइल सिस्‍टम की बड़ी खासियत यह है कि इसे एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान तक गति कराते हुए फायर किया जा सकता है। 

यह मिसाइल सिस्‍टम पूरी तरह ऑटोमेटेड कमांड पर फायर करता है। यह एक्टिव एयरी बैट्री सर्विलॉन्‍स रॉडार प्रणाली जैसी कई अत्‍याधुनिक तकनीकों से लैस है। राडारों की क्षमता इस हथियार को 360 डिग्री कवरेज के लिए अचूक बना देती है। इस परीक्षण के दौरान डाइरेटर जनरल (मिसाइल एवं स्‍ट्रेटजिक सिस्‍टम) एमएसआर प्रसाद भी मौजूद थे। रक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि इस मिसाइल सिस्‍टम के सभी पर‍ीक्षण सफल रहे हैं। इस मिसाइल का व्यावहारिक सफल परीक्षण होने के बाद इसे सेना में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। उम्‍मीद है कि इसे साल 2021 तक सेना में शामिल कर लिया जाएगा। 

इस मिसाइल को किसी भी स्थान से मोबाइल लांचर की मदद से लांच किया जा सकता है और दुश्मन के युद्धक विमान को गिराया किया जा सकता है। यह मिसाइल भारत के आसमानी सीमा की सुरक्षा करेगी। भारतीय सीमा में बिना किसी अनुमति के प्रवेश करने वाले दुश्मन देश के जहाज को मार गिराने में यह पूरी तरह सक्षम है। भारत सरकार के डीआरडीओ ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं भारत डाइनेमिक्स की मदद से इस मिसाइल को विकसित किया है।

अधिकारियों की मानें तो परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सफलतापूर्वक अपनी तय क्षमता के हवाई लक्ष्य को हासिल किया। मालूम हो कि हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट से ही ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। इस मिसाइल को स्वदेशी एडवांस तकनीक के साथ फायर किया गया था जिसने एक जहाज पर निशाना साधा था। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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