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UNSC में भारत का दावा पक्का: ये 5 मजबूत कारण बताते हैं क्यों संयुक्त राष्ट में वीटो पावर का असली हकदार है INDIA?

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:29 PM (IST)Updated: Tue, 15 Sep 2026 05:32 PM (IST)

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS में भी उठाया।

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार (फाइल फोटो)

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का प्रबल दावेदार (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में रिफॉर्म्स की मांग भारत लंबे समय से उठाता रहा है। यह मुद्दा BRICS में भी उठा। इसे और किसी ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स देशों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि UNSC में रिफॉर्म्स को अब और अधिक समय के लिए टाला नहीं जा सकता है।

UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों को 1945 के बजाय 2026 की जरूरतों के हिसाब से सुधार लाना होगा।

बता दें भारत लंबे समय से UNSC में स्थाई सदस्यता की मांग करता रहा है। भारत का समर्थन करने वाले भी कई देश हैं। जनवरी 2024 में एलन मस्क ने भी इसका समर्थन किया था।

क्या है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद?

साल 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के खात्मे के बाद 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई थी। आज इस समूह में 193 देश शामिल हैं। सुरक्षा परिषद (UNSC) इस संगठन का एक हिस्सा है। जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा स्थापित करना है। फिलहाल UNSC में 15 मेंबर देश हैं। जिसमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई सदस्य देश हैं।

कौन है स्थाई-अस्थाई सदस्य?

अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन UNSC के स्थाई सदस्य हैं। बाकी 10 अस्थायी सदस्य सदस्यों में बहरीन, कोलंबिया, कॉन्गो, लातविया, लाइबेरिया, ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और जिंबाब्वे हैं।

भारत क्यों कर रहा स्थाई सदस्यता की मांग?

भारत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य बनने की मांग यूं ही नहीं कर रहा। कई ठोस आधार हैं जो इस दावे को मजबूत बनाते हैं।

1. दुनिया की सबसे बड़ी आबादी

UNFPA के आंकड़ों के अनुसार भारत में 146।39 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं। पहले चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर था, लेकिन अब भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इतनी बड़ी आबादी वाले देश को UNSC का स्थायी सदस्य क्यों नहीं बनाया जा सकता?

2. तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। 2026-27 की पहली तिमाही में इसकी GDP ग्रोथ रेट 7।8% रही। IMF के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 तक भारत की GDP 4।15 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुकी है। IMF का अनुमान है कि 2028-29 तक यह 5 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच जाएगी।

3. UN शांति मिशन में महत्वपूर्ण योगदान

1950 से भारत संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना का एक्टिव सदस्य है। 1948 से अब तक 2।90 लाख से अधिक भारतीय सैनिक इन मिशनों में सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में भी 5,200 से अधिक भारतीय जवान विभिन्न जगहों पर तैनात हैं। शांति सेना में योगदान देने वाले देशों में भारत चौथे स्थान पर है।

4. परमाणु शक्ति संपन्न देश

भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास परमाणु हथियार हैं। SIPRI के आंकड़ों के अनुसार भारत के पास लगभग 190 परमाणु हथियार हैं। अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन भी परमाणु शक्ति हैं और ये सभी UNSC के स्थायी सदस्य हैं। फिर भारत को इससे बाहर क्यों रखा जाए?

5. आठ बार अस्थायी सदस्यता

भारत पहले ही UNSC का आठ बार अस्थायी सदस्य रह चुका है—1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92, 2011-12 और 2021-22। अब वह 2028-29 की अस्थायी सदस्यता के लिए भी दावा पेश कर चुका है। अगर यह मिल जाती है तो यह उसकी नौवीं बार सदस्यता होगी।

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