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'ये खेल पुराना हो चुका', मसूद अहजर पर 70 लाख रुपए के इनाम की झूठी घोषणा पर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:32 PM (IST)

भारत ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान द्वारा 70 लाख रुपये के इनाम की घोषणा को 'झूठा कदम' बताया।

मसूद अजहर पर झूठी घोषणा को लेकर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा। (रॉयटर्स)

मसूद अजहर पर झूठी घोषणा को लेकर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. भारत ने मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम की घोषणा को नकारा।

  2. विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान का गुमराह करने वाला हथकंडा बताया।

  3. भारत ने पाकिस्तान से आतंकी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को कहा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी या सजा दिलाने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपए के इनाम की घोषणा करने पर पाकिस्तान की आलोचना की। भारत ने इसे झूठा कदम बताया और इस्लामाबाद से आतंकी संगठन के प्रमुख के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने को कहा।

अजहर पर इनाम बरकरार रखने के पाकिस्तान के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस्लामाबाद की घोषणा का कोई नतीजा निकलने की संभावना नहीं है।

पाकिस्तान के ऐसे हथकंडे लोगों को गुमराह करने की कोशिश- जायसवाल

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के ऐसे हथकंडे और लोगों को गुमराह करने की कोशिशें कोई नई बात नहीं हैं। हमने पहले भी ऐसे हथकंडे देखे हैं। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश का ऐसी झूठी घोषणाएं करना, हम सभी जानते हैं वे कितनी खोखली होती हैं। पाकिस्तान को ऐसी घोषणाएं करने के बजाए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, जिनका आखिरकार कोई नतीजा नहीं निकलता।

FIA की रेड बुक में शामिल

पाकिस्तान ने अजहर को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की सबसे ज्यादा वांछित आतंकवादियों की रेड बुक में शामिल करना जारी रखा है और उसकी गिरफ्तारी या सजा दिलाने वाली जानकारी के लिए 7 मिलियन पाकिस्तानी रुपए का इनाम भी रखा है।

मसूद भारत में कई आतंकी हमलों के लिए वांछित

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को भारत में कई आतंकी हमलों के लिए वांछित माना जाता है, जिनमें 2001 का संसद हमला भी शामिल है। भारत ने JeM को 2016 के पठानकोट एयरबेस हमलों और 2019 के पुलवामा बम विस्फोट के जिम्मेदार माना है।

उसका नाम पहली बार 2021 में FIA की रेड बुक में शामिल किया गया था और इसे 2026 में भी बरकरार रखा गया है।

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