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'जम्मू-कश्मीर का बजट आपको IMF से मिले पैकेज से भी ज्यादा', UN में भारत की बेटी ने PAK को लताड़ा

Published: Thu, 26 Feb 2026 11:04 AM (IST)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग ...और पढ़ें

HighLights

  1. भारत ने UNHRC में पाकिस्तान के J&K आरोपों को खारिज किया।

  2. चिनाब रेल ब्रिज से J&K के विकास का दिया ठोस प्रमाण।

  3. पाकिस्तान को आंतरिक संकट सुधारने और आतंकवाद रोकने की नसीहत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। 25 फरवरी को हाई-लेवल सेगमेंट में भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए भारतीय डिप्लोमैट अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठी प्रोपगैंडा फैला रहा है और अब तो उसकी ईर्ष्या साफ झलक रही है। भारत ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और रहेगा।

अनुपमा सिंह ने जोर देकर कहा कि 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अपरिवर्तनीय था, जो भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक हुआ। उन्होंने पाकिस्तान से अपील की कि वह भारत के उन इलाकों को खाली करे जो उसके अवैध कब्जे में हैं। OIC को एक सदस्य देश का 'इको चैंबर' बनने के लिए भी आड़े हाथों लिया गया।

चिनाब रेल ब्रिज का जिक्र कर पाकिस्तान को दी करारा जवाब

अनुपमा सिंह ने जम्मू-कश्मीर में हो रहे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चिनाब रेल ब्रिज, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है और पिछले साल इसका उद्घाटन हुआ, फेक है तो पाकिस्तान या तो भ्रम में है या 'ला ला लैंड' में जी रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को इस ब्रिज का उद्घाटन किया था, जो चिनाब नदी के ऊपर 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है और एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है। यह ब्रिज कश्मीर को भारत की रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट हाल ही में पाकिस्तान की ओर से IMF से मांगे गए बेलआउट पैकेज से दोगुना से ज्यादा है। इससे साफ दिखता है कि जम्मू-कश्मीर में कितनी तेजी से विकास हो रहा है, जबकि पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

लोकतंत्र पर पाकिस्तान के लेक्चर को ठुकराया

पाकिस्तान की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने पर अनुपमा सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे देश से लोकतंत्र पर लेक्चर सुनना मुश्किल है जहां सिविलियन सरकारें शायद ही कभी अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर पाती हैं। जम्मू-कश्मीर में हाल के आम और विधानसभा चुनावों में भारी मतदान हुआ, जिससे साफ है कि वहां के लोग आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को ठुकरा चुके हैं और विकास के रास्ते पर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लोग अब शांति और प्रगति चाहते हैं और चुनावी भागीदारी इसका सबूत है।

पाकिस्तान को आंतरिक संकट सुधारने की सलाह

आखिर में अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सलाह दी कि पाकिस्तान को अपने गहरे आंतरिक संकट पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि बहुपक्षीय मंचों पर नाटक कर अपनी समस्याओं को छिपाने की कोशिश करे। दुनिया पाकिस्तान के इस ढोंग को अच्छी तरह समझ चुकी है।

भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भारत-पाकिस्तान के बीच UNHRC जैसे मंचों पर जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर जारी तीखी कूटनीतिक जंग की ताजा मिसाल है।

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