अमृतसर, एएनआइ: भारत ने मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान को 2500 मीट्रिक टन गेहूं की एक और खेप भेजी है। इसे अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भेजा गया। इस संबंध में सीमा शुल्क के संयुक्त आयुक्त बलबीर मंगत ने कहा कि अब तक अफगानिस्तान को कुल 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजा जा चुका है। भारत ने कुल 50,000 मीट्रिक टन गेहूं भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें से अब केवल 14,000 मीट्रिक टन गेहूं और भेजा जाना बाकी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने अफगानिस्तान को गेहूं की एक और खेप भेजी है। वहां के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ है। भारत विश्व खाद्य कार्यक्रम के अंतर्गत अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की मानवीय सहायता करेगा। इसी केअंतर्गत यह सहायता भेजी जा रही है। गौरतलब है कि भारत ने घोषणा की थी कि वह पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं भेजेगा।

भारत से 2,500 टन गेहूं की मानवीय सहायता की पहली खेप 26 फरवरी को पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान के जलालाबाद पहुंची, जबकि भारत की मानवीय सहायता का दूसरा काफिला 2,000 मीट्रिक टन गेहूं लेकर 3 मार्च को अटारी, अमृतसर से जलालाबाद, अफगानिस्तान के लिए रवाना हुआ। इसके अलावा, भारत ने 8 मार्च को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से 40 ट्रकों में अफगानिस्तान में 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की तीसरी खेप भेजी। 2,000 मीट्रिक टन गेहूं की चौथी खेप 15 मार्च को अटारी-वाघा सीमा के माध्यम से अफगानिस्तान के लिए भेजी गई थी।

पाकिस्तान सरकार ने नवंबर 2021 में, अफगान लोगों के लिए एक विशेष मदद के रूप में, मानवीय सहायता के लिए असाधारण आधार पर वाघा सीमा के माध्यम से भारत से अफगानिस्तान में मानवीय सहायता के रूप में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और जीवन रक्षक दवाओं के परिवहन को मंजूरी दी थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार। मानवीय सहायता के परिवहन के लिए दी गई समयावधि 21 मार्च 2022 को समाप्त हो गई।

Edited By: Amit Singh