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वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तकनीक की तलाश में सरकार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने स्टार्टअप्स के साथ की बैठक

Published: Sat, 17 Oct 2026 08:25 PM (IST)

केंद्र सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए तकनीक-आधारित समाधानों पर जोर दे रही है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ...और पढ़ें

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव(फाइल फोटो)

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव(फाइल फोटो)

HighLights

  1. सरकार ने वायु प्रदूषण के लिए तकनीक-आधारित समाधान अपनाए।

  2. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्टार्टअप्स से की मुलाकात।

  3. प्रदूषण निगरानी, स्वच्छ वाहन, कचरा प्रबंधन पर चर्चा हुई।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने में केंद्र सरकार अब तकनीक आधारित समाधान को अपनाने की पहल की है। इस दिशा में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को वायु प्रदूषण की रोकने के क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप के साथ बैठक की। साथ ही उनके कामों को देखा है।

साथ ही इन सभी को जरूरत पड़ने पर नीतिगत समर्थन देने का भी आश्वासन दिया है। इनमें से कई स्टार्टअप मौजूदा समय में वायु प्रदूषण पर रोकथाम के लिए काम कर रही राज्य सरकार की एजेंसियों के साथ काम कर रहे है।

उन्होंने इस दौरान जिन प्रमुख स्टार्टअप के साथ चर्चा हुई, उनमें एयर क्वालिटी मैपिंग, प्रदूषण की निगरानी, स्वच्छ वाहन, ट्रैफिक प्रबंधन और कचरे का बेहतर इस्तेमाल जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप शामिल थे।

इस दौरान इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस दौरान दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली वजहों पर फोकस होकर भी चर्चा की गई है। जिसमें वाहनों के प्रदूषण को कम करने, सड़क से उठने वाले धूल को रोकने, पराली को जलने से रोकने व उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना आदि शामिल है।

इन क्षेत्रों में समाधान तलाशने की कोशिश

बैठक में कई प्रमुख स्टार्टअप ने अपने काम को दिखाया । इनमें उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण पर निगरानी के लिए लगे आनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम व एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस की आनलाइन निगरानी शामिल है।

वहीं वाहनों के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) की जांच लिए टैम्पर-प्रूफ सिस्टम, इंडस्ट्रियल एमिशन उल्लंघन की एआई-इनेबल्ड पहचान, डीजल जनरेटर एमिशन-कंट्रोल डिवाइस की रीयल टाइम मानिटरिंग, कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन साइट्स पर धूल का पता लगाने आदि से जुड़ी तकनीक शामिल है। बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री सहित वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल थे।