जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों की संख्या 31 हो गई है। थाईलैंड और मलेशिया की यात्रा करने वाले दिल्ली के एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों व मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर कोरोना से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही कोरोना के इलाज के दौरान खुद के बचाव के लिए देशभर के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया गया।

दिल्ली के एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से ग्रसित होने की पुष्टि

दिल्ली के एक व्यक्ति के कोरोना वायरस से ग्रसित होने की पुष्टि करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसके संपर्क में आने वालों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि अगले 14 दिनों तक उनकी निगरानी की जा सके। इसके साथ ही दिल्ली के उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल ने विदेश से लौटने वाले दो रेल कर्मियों को बुखार और खांसी से पीडि़त होने की सूचना दी। इसके बाद उन दोनों को कोरोना के इलाज के लिए चयनित राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अभी तक उनके कोरोना वायरस से ग्रसित होने की पुष्टि नहीं हुई है। उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। दोनों को अपने घर पर ही 14 दिनों तक अलग-थलग रहने को गया है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना से ग्रसित एक व्यक्ति के मिलने की खबरों का खंडन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में कोरोना से ग्रसित एक व्यक्ति के मिलने की खबरों का खंडन किया है। हर्षवर्धन ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों व मुख्य सचिवों के साथ संबंधित राज्यों में कोरोना के ग्रसित मरीजों के इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों और बड़े पैमाने पर वायरस के फैलने की स्थिति में लोगों की जांच के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

कोरोना वायरस से बचने के लिए जागरूक करने की जरूरत

उन्होंने राज्य सरकारों को अपने तमाम संसाधन का उपयोग कर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति सचेत करने लिए कहा कि ताकि वे इससे बचने के लिए स्वच्छता के सामान्य नियमों को अपना सकें। इसके साथ लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से परहेज करने के प्रति जागरूक करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को इस अभियान में सांसद, विधायक, मेयर समेत तमाम जनप्रतिनिधियों की भी मदद लेनी चाहिए।

स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सबसे अहम

हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना के इलाज में लगे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सबसे अहम है और इसके लिए भी राज्यों को पर्याप्त प्रबंध करना होगा। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में शुक्रवार को 280 स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई। वर्चुअल ब्रॉडकास्टिंग के जरिये एक हजार अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इसमें हिस्सा लिया। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे। उन्होंने राज्यों को अपने यहां भी स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसी ट्रेनिंग देने को कहा। बैठक में विदेश, जहाजरानी और पर्यटन मंत्रालय के साथ आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हिस्सा लिया।

विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग लागू करने के बाद सरकार ने नौ नए हवाई अड्डों पर इस सुविधा का विस्तार कर दिया है। अभी तक 21 हवाई अड्डों पर यह सुविधा थी, जो अब बढ़कर 30 हो गई है।

ईरान में फंसे भारतीयों को लाने से पहले होगी जांच

इसके साथ ही ईरान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के पहले कोरोना की जांच का फैसला करने के बाद सरकार ने वहां से 300 भारतीयों की लार का नमूना लाने की तैयारी में है। इसे जांच के लिए पुणे की इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजा जाएगा। रिपोर्ट में कोरोना से ग्रसित नहीं पाए जाने वाले भारतीयों को ही वापस लाया जाएगा।

भारत-पाक सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी स्थगित

भारत-पाक सीमा पर अटारी में होने वाली रिट्रीट सेरेमनी अगले आदेशों तक स्थगित कर दी गई है। राष्ट्रीय ध्वज उतारने की रस्म जारी रहेगी, लेकिन इसमें सैलानियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस सेरेमनी को देखने के लिए रोजाना 25 से 30 हजार तक सैलानी पहुंचते हैं।

हर्षवर्धन ने बताया-29,607 लोग निगरानी में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लोकसभा को बताया कि 29,607 लोगों को पांच मार्च तक निगरानी में रखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि चीन के वुहान शहर से एक और दो फरवरी को 654 लोगों को भारत लाया गया था। उन्हें सेना और आइटीबीपी के अस्पतालों में 14 दिनों तक अलग वार्ड में निगरानी में रखा गया। इन लोगों की दो बार जांच की गई और निगेटिव रिपोर्ट आने पर 17 और 18 फरवरी को इन्हें घर जाने की इजाजत दी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 27 फरवरी को 112 और लोगों को वुहान से निकाला गया। इनमें 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक शामिल थे।

85 देशों में फैला वायरस

-चीन से फैला कोरोना वायरस दुनिया के करीब 85 देशों तक फैल चुका है।

-दुनियाभर में इसके मरीजों की संख्या एक लाख के पार पहुंची।

-3,300 मरीजों की इस बीमारी से दुनियाभर में मौत हो चुकी है।

-एयरलाइन और ट्रैवल एजेंसियों पर इस महामारी की सबसे बड़ी मार पड़ी है।

35 दवाएं कोरोना वायरस के इलाज में कारगर

ऐसे में जबकि दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के वैक्सीन की खोज में जुटे हैं, एक सर्वे में कहा गया है कि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और चीन में 35 दवाएं इस बीमारी में काम कर रही हैं। यह सर्वेक्षण जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी न्यूज ने करवाया है। इसमें कहा गया है कि ये दवाएं ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन और सनोफी जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर मॉडर्ना और ग्लीड साइंसेज जैसी छोटी कंपनियों की हैं। शोधकर्ताओं को अब भी लगता है कि इसके वैक्सीन का आविष्कार करने में कम-से-कम 12 माह का समय लगेगा।