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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India ADB Pakistan:'आतंकवाद पर खर्च होंगे करोड़ों डॉलर', पाकिस्तान को ADB की मदद का भारत ने किया कड़ा विरोध

Published: Wed, 04 Jun 2025 07:21 PM (IST)

एडीबी की ओर से पाकिस्‍तान को को अपनी राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने और वित्तीय प्रबंधन में सुधार करने के ...और पढ़ें

ADB की पाकिस्तान को मदद पर भारत का कड़ा विरोध। फाइल फोटो
ADB की पाकिस्तान को मदद पर भारत का कड़ा विरोध। फाइल फोटो

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की तरफ से पाकिस्तान को दी जाने वाली 80 करोड़ डॉलर की वित्तीय सहायता का भारत ने पुरजोर विरोध किया है।

एडीबी ने पाकिस्तान को अपनी राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने और वित्तीय प्रबंधन में सुधार करने के उद्देश्य से वित्तीय पैकेज की मंजूरी दी है, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के आतंकी रवैये का हवाला देते हुए वित्तीय पैकेज के गलत इस्तेमाल को लेकर एडीबी को आगाह किया है।

भारत क्‍यों कर रहा वित्तीय मदद का विरोध?

वित्त मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, भारत ने एडीबी से कहा है कि वित्त वर्ष 2018 से लेकर वित्त वर्ष 2023 के बीच पाकिस्तान का कर संग्रह जीडीपी के 13 प्रतिशत से घटकर 9.2 प्रतिशत रह गया, लेकिन इस अवधि में पाकिस्तान के रक्षा खर्च में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भारत ने एडीबी प्रबंधन से पाकिस्तान को मिलने वाली वित्तीय मदद के गलत इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए भी कहा है।

क्‍या है पाकिस्‍तान का रिकॉर्ड?

पाकिस्तान का पुराना रिकॉर्ड इस बात को दर्शाता है कि वहां के आर्थिक मामलों में सेना का पूरा हस्तक्षेप रहा है, जिससे सुधार नीति पर अमल की संभावना नहीं दिखती है।

भारत ने कहा कि पाकिस्तान की वर्तमान शासन प्रणाली सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देती है, जो क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा के लिए खतरनाक होने के साथ पाकिस्तान के अर्थव्यवस्था के लिए भी जोखिम भरा है।

 पाक को कर्ज देखा जोखिम भरा : भारत 

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद को वित्तीय मदद देने और वहां के आतंकवादी संगठनों के खाते और उनकी संपत्ति को जब्त करने संबंधी कार्रवाई पर भी असंतोष जाहिर किया है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की तरफ से इस प्रकार की कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। भारत ने यह भी कहा है कि कमजोर अर्थव्यवस्था वाले पाकिस्तान को कर्ज देना जोखिम भरा है।

पाकिस्तान लगातार विदेशी कर्ज के सहारे अपनी अर्थव्यवस्था चला रहा है, जिससे भविष्य में उसकी वित्तीय क्षमता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पाकिस्तान के जीडीपी के मुकाबले उसका कर्ज अनुपात काफी अधिक है और क्रेडिट रेटिंग भी खराब है। इसलिए एडीबी को अपनी वित्तीय स्थिति और भविष्य को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान से सावधान रहना चाहिए।