न पढ़ाई, न कमाई! देश के 250 जिलों में 25 प्रतिशत से अधिक युवा 'NEET' श्रेणी में, महिलाओं की स्थिति ज्यादा बुरी
केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के लगभग 250 जिलों में 25% से अधिक युवा न तो पढ़ाई ...और पढ़ें

मंत्रालय ने 600 जिलों का किया सर्वे (AI जेनरेटेड फोटो)
HighLights
250 जिलों में 25% से अधिक युवा NEET श्रेणी में।
उत्तर भारत के राज्यों में स्थिति अधिक चिंताजनक है।
युवा महिलाओं में NEET दर घरेलू कार्यों के कारण उच्च।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने देश के युवाओं को लेकर ऐसे आंकड़े जारी किए हैं, जो हैरान करने वाले हैं। मंत्रालय के सर्वे के मुताबिक, देश के लगभग 250 जिलों में 25% से ज्यादा युवा न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही कोई काम कर रहे हैं।
यह आंकड़े मानव संसाधन के इस्तेमाल में कमी को दिखाते हैं। यह स्थिति उत्तर भारत में, खासकर बिहार, यूपी, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चिंताजनक है।
क्या कर रहे हैं ये 25% युवा?
केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने शुक्रवार, 18 सितंबर को 2025 के पहले जिला-स्तरीय पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के आंकड़े जारी किए। इन राज्यों में लगभग दो-तिहाई जिलों में युवा आबादी का एक-चौथाई हिस्सा NEET (रोजगार, शिक्षा या ट्रेनिंग में नहीं) श्रेणी में आता है।
मंत्रालय की रिपोर्ट में प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 600 जिलों को शामिल किया गया। कुछ मामलों में, इसने आस-पास के कुछ जिलों को मिलाकर एक ही इकाई माना।
नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में देश में NEET युवाओं की संख्या लगभग नौ करोड़ बताई गई है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन लोगों को सीधे तौर पर बेरोजगार नहीं कहा जा सकता।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम और तेलंगाना में लगभग आधे जिलों में, 25% युवा आबादी NEET श्रेणी में आती है।
लगभग 25 जिलों में NEET दर 10% से कम है, जिनमें छत्तीसगढ़ में कबीरधाम, राजनांदगांव और उत्तर बस्तर कांकेर, हिमाचल प्रदेश में चंबा, केरल में एर्नाकुलम, और मध्य प्रदेश में मंडला शामिल हैं। ओडिशा के नबरंगपुर में NEET दर सबसे कम 4.1% थी।
75% जिलों में युवा महिलाओं में NEET की दर 25%
युवा महिलाओं के लिए, सर्वे किए गए कुल जिलों में से लगभग तीन-चौथाई में NEET दर 25% से ज्यादा दर्ज की गई, जो बिना वेतन वाले घरेलू कामों और सामाजिक उम्मीदों के बोझ को उजागर करती है।
आखिर क्या कर रहे हैं NEET युवा?
युवाओं में बेरोजगारी की ज्यादा दर का कारण उनकी शिक्षा में भागीदारी या स्किलिंग या वोकेशनल प्रोग्राम में शामिल होना माना जाता है। हालांकि NEET के आंकड़े उन लोगों को दर्शाते हैं जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान में नामांकित नहीं हैं और लेबर फोर्स से पूरी तरह बाहर हो गए हैं।
ये NEET युवा या तो बिना वेतन वाले घरेलू काम या महिलाओं के मामले में देखभाल का काम कर रहे हैं या फिर उपयुक्त काम न मिलने के कारण काम की तलाश छोड़ चुके हैं या कुछ मामलों में, परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या खाली समय बिता रहे हैं।
