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नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। अपने आसपास देखिए। हर आदमी के हाथ में एक स्मार्ट फोन दिख जाएगा जिस पर वह तमाम एप चलाते हुए अपनी डिजिटल दुनिया में मगन है। ये है भारत की डिजिटल क्रांति। दुनिया में सबसे सस्ता मोबाइल इंटरनेट इस क्रांति को ऑक्सीजन दे रहा है। वैश्विक कीमतों की तुलना करने वाली ब्रिटेन की जानी-मानी वेबसाइट केबल.सीओ.यूके के हालिया अध्ययन में ये बात सामने आई है कि मोबाइल इंटरनेट भारत में सबसे सस्ता है।

भारत में इंटरनेट का विस्तार

मार्केट रिसर्च एजेंसी कांतार आइएमआरबी के अनुसार इस साल तक देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की कुल संख्या 62.70 करोड़ छू सकती है। ग्रामीण इलाकों में तेजी से इंटरनेट का इस्तेमाल इसकी विकास दर को दोहरे अंक में पहुंचा दिया है। देश में कुल इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों में से 97 फीसद मोबाइल को माध्यम बनाते हैं। शहरों में इसकी वृद्धि दर सात फीसद है तो ग्रामीण इलाकों में ये रफ्तार 35 फीसद तक जा पहुंची है।

बढ़ रहा है घनत्व

सुलभ इंटरनेट सेवा, सस्ते प्लान और लोगों के बीच डिजिटल होने के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच की खाई पटने लगी है। 2015 में देश के ग्रामीण इलाकों में सौ में से सिर्फ नौ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे, 2018 में यह आंकड़ा 25 तक पहुंच गया है। इस सस्ते इंटरनेट ने लोगों के खरीदने, भुगतान करने, मनोरंजन करने के परंपरागत तरीकों को बदलकर रख दिया है।

यूरोप में भारी असमानता

डाटा की कीमतों में यूरोपीय महाद्वीप के देशों में बड़ा अंतर है। इटली में एक जीबी डाटा की कीमत औसतन 1.73 डॉलर है, जर्मनी में इसकी कीमत सात डॉलर जा पहुंचती है।

ऐसे हुआ अध्ययन

वेबसाइट ने 230 देशों के 6313 डाटा प्लान का अध्ययन किया। पाया कि भारत में मोबाइल इंटरनेट सबसे सस्ता है। दूसरे स्थान पर किर्गिस्तान है। भारत में एक गीगाबाइट डाटा के लिए उपभोक्ताओं को 0.26 डॉलर (करीब 18 रुपये) चुकाने पड़ते हैं। सैलानियों के पसंदीदा देश स्विट्जरलैंड में प्रति जीबी डाटा कीमत 20.22 डॉलर है। जिंबाब्वे की कीमतें भारत से 289 गुना ज्यादा है। यहां एक जीबी डाटा की कीमत औसतन 75.20 डॉलर बैठती है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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