यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाकिस्तान को FATF की 'ग्रे लिस्ट' से हटाने पर भारत की दो टूक, जांच के कारण आतंकियों पर कार्रवाई को मजबूर पाक
भारत ने कहा कि एफएटीएफ जांच के कारण पाकिस्तान को कुख्यात आतंकवादियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई करने के लिए मजबूर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआइ: भारत ने शुक्रवार को कहा कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की जांच के कारण पाकिस्तान को कुख्यात आतंकवादियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया है। साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवाद और आतंकवादी वित्तपोषण के विरुद्ध विश्वसनीय और सत्यापन योग्य कार्रवाई जारी रखनी होगी।
पाक से उम्मीद आतंक के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
पाकिस्तान को एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' से हटाए जाने पर मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, 'हमने पेरिस में एफएटीएफ प्लेनरी के संदर्भ में पाकिस्तान से संबंधित रिपोर्ट देखी है। हम समझते हैं कि पाकिस्तान मनी लांड्रिंग पर एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) के साथ अपनी मनी लांड्रिंग विरोधी और आतंकी वित्तपोषण रोधी प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए काम करना जारी रखेगा।'
दबाव में आतंकियों के खिलाफ पाक ने की कार्रवाई
बागची ने कहा, 'एफएटीएफ की जांच के कारण पाकिस्तान को कुख्यात आतंकवादियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया है, जिनमें 26/11 को मुंबई में पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विरुद्ध हमले शामिल हैं।' बागची ने कहा कि यह वैश्विक हित में है कि दुनिया को यह स्पष्ट रहे कि पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से आतंकवाद और आतंकवादी वित्तपोषण के विरुद्ध विश्वसनीय, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और निरंतर कार्रवाई जारी रखनी होगी।'
एफएटीएफ की ग्रे-लिस्ट से बाहर हुआ पाक
आपको बता दें, एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे-लिस्ट से बाहर कर दिया है। इस लिस्ट से हटने के बाद अब पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को संकट से निकालने के लिए अंतरराष्ट्री मुद्रा कोष, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और यूरोपीय यूनियन जैसी संस्थाओं से वित्तीय मदद पाने की कोशिश कर सकता है। FATF के प्रेसीडेंट टी. राजा कुमार ने सिंगापुर से एक वर्चुअल प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि पेरिस में 20-21 अक्टूबर को हुई दो दिवसीय बैठक में यह फैसला लिया गया है।
