कानपुर। विश्व में अपनी शक्ति का लोहा मनवाने वाला भारत अब अंतरिक्ष में भी अपना दबदबा दिखाने लगा है। शायद इसी वजह से दूसरे देश भी अपने सेटेलाइट लांच कराने के लिए भारत से मदद मांगते हैं। आने वाले 15 दिनों में श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से पीएसएलवी द्वारा 5 सेटेलाइट लांच किए जाएंगे।

इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाईजेशन) के अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन ने जागरण से बातचीत में बताया कि पिछले वर्ष भारत ने 26 सेटेलाइट लांच की जिसमें 25 सफल रही। उन्होंने कहा वैज्ञानिकों के सतत प्रयासों से भारत स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में छठवें स्थान पर पहुंच चुका है। इसके पहले यूएस, जापान, चीन, कनाडा, फ्रांस देशों का नाम शामिल था।

5 नवंबर 2013 को मार्स आबरेटरी स्पेस क्राफ्ट को पीएसएलवी द्वारा लांच किया गया। 24 दिसंबर 2014 को यह मार्स से 500 किमी. की दूरी पर रह जाएगा। तब इसकी स्पीड को धीमा किया जाएगा। 110 मिलियन किमी. की ऊंचाई पर स्पीड कम करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन अब ऐसा करने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा। इसके पहले अमेरिका, रूस और यूरोप इस तकनीकि का इस्तेमाल कर रहे थे। यह स्पेस क्राफ्ट अपने अंदर आई खराबी का पता करके ठीक भी कर लेता है। इसरो एयरक्राफ्ट के लिए बेहतर जीपीएस सिस्टम तैयार करने पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जीएसएलवी मार्क 3 को भी अगस्त में लांच करने की तैयारी है। बेहतर क्षमता वाले सेटेलाइट लांच होने का फायदा भी देश को मिल रहा है। पहले सही पूर्वानुमान न होने से तूफान में सैकड़ों की संख्या में लोग मारे जाते थे लेकिन पिछले साल जब तूफान आया तो उसमें मरने वालों की संख्या दहाई से भी कम रही।

फेसबुक पर 'इसरो' अपडेट

कानपुर। इसरो में होने वाली गतिविधियों की जानकारी अब फेसबुक पर भी मिलेगी। इसके लिए इसरो एमओएम और इसरो ऑफिसियल नाम से दो पेज बनाए गए हैं। जिनसे जुड़कर एयरोस्पेस में इंटरेस्ट रखने वाले लोग अपडेट्स ले सकते हैं।

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