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कम होंगे चीनी के दाम? सरकार ने थोक स्टॉक लिमिट बढ़ाई, गन्ने का FRP बढ़कर हुआ 365 प्रति क्विंटल

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:00 PM (IST)

केंद्र सरकार ने आगामी त्योहारी सीजन के लिए थोक उपभोक्ताओं हेतु चीनी भंडारण की सीमा 15 से बढ़ाकर 30 दिन ...और पढ़ें

चीनी भंडारण सीमा बढ़ी

चीनी भंडारण सीमा बढ़ी

HighLights

  1. थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 से 30 दिन हुई।

  2. अतिरिक्त स्टॉक आयातित चीनी या विशेष योजनाओं से ही रखा जा सकेगा।

  3. गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़कर 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा।

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आगामी त्योहारी सीजन और चीनी की बढ़ती मांग को देखते हुए थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, 10 टन से अधिक मासिक खपत वाले औद्योगिक उपभोक्ता अब 30 दिनों की जरूरत के बराबर चीनी रख सकेंगे। हालांकि, पहले 15 दिनों से अधिक का अतिरिक्त भंडार केवल टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (एएएस) के तहत आयातित चीनी से ही रखा जा सकेगा। खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के लिए 15 दिनों की खपत की सीमा बरकरार रहेगी।

सरकार ने टीआरक्यू के तहत 10 लाख टन चीनी आयात की अनुमति दी है। साथ ही एएएस के तहत निर्यात के लिए खरीदी गई चीनी की घरेलू बिक्री की अनुमति भी दी गई है। भंडार पर निगरानी के लिए थोक उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टाक की जानकारी देनी होगी। सरकार ने कहा कि यह फैसला औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ चर्चा के बाद लिया गया है।

इस बीच, सरकार ने बताया कि मिल स्तर पर चीनी की कीमतें करीब 25 प्रतिशत घटी हैं, लेकिन खुदरा कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत ही कमी आई है। अगस्त में 65 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर से खुदरा कीमत अब करीब 58.50 रुपये है।

सरकार ने व्यापारियों से कम कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की है। एक अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले नए चीनी सत्र में गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) बढ़कर 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा।