नई दिल्ली (एएनआइ)। पीएनबी घोटाले के आरोपी और हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार ने एंटीगुआ को औपचारिक आवेदन सौंप दिया है। भारत से फरार चोकसी पिछले महीने अमेरिका से एंटीगुआ शिफ्ट हो गया था। यहां तक की उसके पास अब एंटीगुआ की नागरिकता भी है। यही कारण है कि भारत का पासपोर्ट निरस्त होने के बावजूद उसे आसानी से एंटीगुआ में एंट्री मिल गई। बता दें कि इससे पहले एंटीगुआ के विदेश मंत्री ईपी चेत ग्रीन ने भरोसा दिलाया था कि चोकसी के प्रत्यर्पण के किसी भी वैध अनुरोध का सम्मान किया जाएगा।

नवंबर में मिली एंटीगुआ की नागरिकता

पिछले साल नवंबर में चोकसी को एंटीगुआ की नागरिकता मिली थी। दो दिन पहले कैरेबियाई द्वीप देश एंटीगुआ ने दावा किया था कि भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को उसने वर्ष 2017 में अपनी नागरिकता उसकी पृष्ठभूमि जांचने के बाद ही दी है। हालांकि भारत से उन्हें चोकसी के खिलाफ कोई खराब जानकारी नहीं मिली थी। एंटीगुआ का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी ने भी चोकसी के बारे में कोई विपरीत रिपोर्ट नहीं दी थी। लेकिन सेबी ने उसके पास ऐसा कोई आवेदन आने या उसे मंजूरी देने से साफ इन्कार किया है।

मुंबई पुलिस का बयान

इस बीच मुंबई पुलिस ने भी शनिवार को अपनी सफाई में कहा कि 10 सितंबर 2015 को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने चौकसी को विशेष तत्काल दर्जे के तहत पासपोर्ट जारी किया था। इसमें किसी प्रकार के पुलिस सत्यापन रिपोर्ट यानी पीवीआर की जरूरत नहीं होती है। इसलिए पीवीआर देने का कोई सवाल नहीं उठता। हालांकि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

चोकसी का आवेदन मई 2017 में मिला

बता दें कि एंटीगुआ के अखबार डेली ऑब्जर्वर ने बताया था कि एंटीगुआ प्रशासन को भारत सरकार की ओर से पुलिस क्लीयरेंस सर्टीफिकेट, मुंबई स्थित पासपोर्ट आफिस चोकसी के खिलाफ कोई गड़बड़ी की जानकारी नहीं होने का सर्टीफिकेट मिला था। इनवेस्टमेंट यूनिट ऑफ एंटीगुआ और बारबुडा (सीआइयू) के बयान का हवाला देते हुए बताया कि नागरिकता के लिए चोकसी का आवेदन उन्हें मई 2017 में मिला था। उस आवेदन के साथ उन्होंने नियमानुसार स्थानीय पुलिस का क्लीयरेंस भी दिया था। एंटीगुआ और बरबूडा के निवेश के बदले नागरिकता कार्यक्रम के तहत एक व्यक्ति को एंटीगुआ का पासपोर्ट हासिल करने के लिए एनडीएफ निवेश फंड में कम से कम 1,00,000 अमेरिकी डॉलर का निवेश करना पड़ता है।

इस साल जनवरी में हुआ फरार 

उल्लेखनीय है कि 13,500 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में आरोपित मेहुल चोकसी इसी साल चार जनवरी को भारत से फरार हो गया था। उसने एंटीगुआ में नागरिकता की शपथ 15 जनवरी को ली थी। उसकी नागरिकता को मंजूरी नवंबर 2017 में ही मिल गई थी। इसी साल 16 जनवरी को पंजाब नेशनल बैंक की ब्रैडी हाउस शाखा ने चोकसी और नीरव मोदी के 2 अरब डॉलर के घोटाले को पहली बार उजागर किया था। 29 जुलाई 2016 को बेंगलुरु के निवासी हरि प्रसाद ने प्रधानमंत्री कार्यालय को इस घोटाले की जानकारी दी थी।

Posted By: Nancy Bajpai

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