मनी लॉन्ड्रिंग कानून का उल्लंघन करने वालों पर सरकार सख्त, 15 क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को भेजा नोटिस
वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के उल्लंघन के आरोप में 15 क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को नोटिस जारी किया है।

FIU ने 15 क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को नोटिस भेजा
HighLights
FIU ने 15 क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर्स को नोटिस भेजा
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के उल्लंघन का आरोप लगा
भारत से ऐप और यूआरएल हटाने का निर्देश
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वर्चुअल डिजिटल ऐसेट या क्रिप्टो से जुड़े 15 सर्विस प्रोइवडर्स को वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने नोटिस जारी करते हुए उन्हें अपने यूआरएल व एप को भारत से हटाने का निर्देश दिया है। इन सभी प्लेटफार्म को मनी लांड्रिंग कानून के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया गया है।
तत्काल रूप से भारत में इनके माध्यम से होने वाले क्रिप्टो ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए इनकी एप सेवा भारत में बंद करने के लिए कहा गया है। इनमें वीक्स इंटरनेशनल एक्सचेंज, बीएलएफ ग्लोबल लिमिटेड की ब्लोफिन, रेजोरक्स, बिटूनिक्स, डिजिफिनेक्स, पायोनेक्स जैसे प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज शामिल हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के उल्लंघन का आरोप लगा
ये सभी एक्सचेंज बिना किसी पंजीकरण के अपना संचालन कर रहे थे और ये प्लेटफार्म मनी लांड्रिंग कानून के तहत निर्धारित नियम व शर्तों का भी पालन नहीं कर रहे थे। मार्च 2023 में वर्चुअल डिजिटल ऐसेट प्रोवाइडर्स को मनी लांड्रिंग कानून के दायरे में इसलिए लाया गया था ताकि इनके माध्यम से आतंकवाद का वित्तपोषण नहीं हो सके।
देश का कानून यह कहता है कि देश में कार्यरत कोई भी वर्चुअल ऐसेट प्रोवाइडर्स जो वर्चुअल डिजिटल ऐसेट का विनिमय, हस्तांतरण, सुरक्षा व प्रबंध के काम में जुड़ा है, उन्हें एफआईयू के साथ रिपोर्टिंग इकाई के रूप में पंजीकृत होना होगा और नियमों के तहत निर्धारित दायित्व का अनुपालन करना आवश्यक है। लेकिन ये प्लेटफार्म ऐसा नहीं कर रहे थे और इनका अवैध तरीके से संचालन हो रहा था।
