विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर की बात, इन बड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

By Agency Edited By: Rajesh Kumar
Published: Wed, 10 Sep 2025 11:30 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी से भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते ...और पढ़ें

PM मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर की बात। फाइल फोटो
PM मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर की बात। फाइल फोटो

HighLights

  1. इटली की प्रधानमंत्री के साथ फोन पर यूक्रेन युद्ध पर बातचीत
  2. भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने की दोहराई प्रतिबद्धता

पीटीआई, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी इटालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा की और इसके लिए उनके समर्थन के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने की वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

यूक्रेन युद्ध के अलावा, दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने इतालवी प्रधानमंत्री के साथ फोन पर यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के उपायों और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर कहा, "प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने की अपनी साझा इच्छा व्यक्त की।"

उन्होंने कहा, "भारत-ईयू के बीच आपसी हितों पर आधारित व्यापार समझौते का समर्थन करने और आईएमईसी पहल के माध्यम से कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में इटली के सक्रिय सहयोग के लिए पीएम मेलोनी का धन्यवाद।"

भारत और यूरोपीय संघ इस साल के अंत तक प्रस्तावित एफटीए को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं। दोनों पक्ष इस सप्ताह नई दिल्ली में 13वें दौर की वार्ता कर रहे हैं।

भारत और यूरोपीय संघ ने लगभग आठ वर्षों के अंतराल के बाद जून 2022 में वार्ता फिर से शुरू की। जबकि IMEEC पहल को 2023 में दिल्ली में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अंतिम रूप दिया गया।