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India-EU FTA: कपड़े, फुटवियर-ज्वेलरी समेत सबकुछ होगा सस्ता; ट्रेड डील से क्या बदल जाएगा?

Published: Tue, 27 Jan 2026 06:47 PM (IST)Updated: Tue, 27 Jan 2026 08:19 PM (IST)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारतीय उद्योग के लिए 'गेम-चेंजर' साबित होगा। सीआईआई और ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार को घोषित हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को भारतीय उद्योग जगत ने इसे 'गेम-चेंजर' करार दिया है। सीआईआई (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापारिक भागीदारी में एक रणनीतिक उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि भारतीय निर्यातों को 99 फीसदी से अधिक उत्पादों पर अभूतपूर्व प्राथमिकता प्राप्त होगी, जिससे भारतीय उद्योग को यूरोप के उच्च-मूल्य वाले बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का अवसर मिलेगा। बनर्जी ने कहा कि इससे निवेश, तकनीकी प्रवाह और उत्पादन क्षमता में तेजी आएगी।

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इन इंडस्ट्री को फायदा

उन्होंने विशेष रूप से वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा व फुटवियर, रत्न व आभूषण, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल, कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य, आईटी और प्रोफेशनल सेवाओं जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की बात कही। यह समझौता श्रम-प्रधान क्षेत्रों और एमएसएमई के लिए ठोस लाभ देगा और भारतीय प्रतिभा के लिए भविष्य-उन्मुख गतिशीलता ढांचा तैयार करेगा।

फिक्की के अध्यक्ष आनंद गोयनका ने भी इस समझौते को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ यह करार भारत के हालिया एफटीए समझौतों में सबसे व्यापक और संभावनाओं से भरा हुआ है।

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यूरोपीय संघ सबसे बड़ा बाजार

गोयनका ने कहा कि यूरोपीय संघ भारत के लिए सबसे बड़ा और उच्च क्षमता वाला बाजार है, जहां यह समझौता नए व्यापार और निवेश अवसर खोलेगा। उनके अनुसार इससे विनिर्माण और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में भारतीय निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूती मिलेगी और मूल्य श्रृंखला में गहरी एकीकृत भागीदारी संभव होगी।

फिक्की का मानना है कि यह एफटीए भारत को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दीर्घकालिक और समावेशी विकास को गति देगा।

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