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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत की सीमा पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात, चीन व पाक के हवाई हमलों का देगा मुंहतोड़ जवाब

By Monika MinalEdited By:
Published: Mon, 20 Dec 2021 11:28 PM (IST)Updated: Tue, 21 Dec 2021 06:58 AM (IST)

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पंजाब सेक्टर में तैनात किया गया है। यहां से यह पाकिस्तान और चीन दोनों के खतरों ...और पढ़ें

भारत की सीमा पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात, चीन व पाक के हवाई हमलों को देगा मुंहतोड़ जवाब
भारत की सीमा पर S-400 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात, चीन व पाक के हवाई हमलों को देगा मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली, एएनआइ। देश की हवाई सुरक्षा क्षमताओं को और बेहतर व ताकतवर बनाने की दिशा में आज भारतीय वायु सेना (Indian Air Force, IAF) ने पंजाब सेक्टर में पहला S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तैनात कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने एएनआइ को बताया, 'पंजाब सेक्टर में पहली खेप की तैनाती की जा रही है। यह पाकिस्तान और चीन दोनों के हवाई हमलों से देश को बचाने में सक्षम है।

अगले साल तक आएगी दूसरी खेप 

इस महीने के शुरुआत में ही रूस में निर्मित ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की सप्लाई भारत में शुरू हो गई थी। बता दें कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन के हाल में हुए भारत दौरे के दौरान इसकी सप्लाई जल्द करने का भरोसा दिया गया था। अगले साल इसकी दूसरी खेप भी मिलने की संभावना है। इस तरह की कुल 5 यूनिट भारत को मिलनी है। चीन और पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए भारत को एस-400 की बहुत जरूरत थी। हालांकि अमेरिका इस सौदे का शुरुआत से विरोध कर रहा है।

पंजाब सेक्टर में है तैनात

यह सिस्टम पंजाब सेक्टर में तैनात किया गया है। यहां से यह पाकिस्तान और चीन दोनों के खतरों से निपट सकता है। अक्टूबर 2018 में रूस और भारत ने S-400 की सप्लाई को लेकर डील की थी।रूस के एलमाज सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो द्वारा बनाया गया यह सिस्टम 400 किलोमीटर की रेंज में दुश्मन की मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट पर हवा में ही हमला कर सकता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। भारत और रूस के बीच S-400 की 5 यूनिट के लिए 2018 में करीब 40 हजार करोड़ रुपये की डील हुई थी। भारतीय वायु सेना के अधिकारियों व जवानों को इसके लिए रूस में प्रशिक्षित किया गया है।

एकसाथ 36 टारगेट को कर सकता है नेस्तनाबूद

यह रूसी मिसाइल सिस्‍टम एक साथ 36 टारगेट पर निशाना लगा सकता है। इसे एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता है। यह सिस्टम रूस द्वारा विकसित S-200 मिसाइलों और S-300 मिसाइलों का चौथा और ज्यादा मारक वाला वर्जन है।