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भारत ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर विंडफॉल टैक्स घटाया, तेल कंपनियों के लिए बड़ी राहत

Published: Thu, 17 Sep 2026 05:54 AM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 07:11 AM (IST)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए भारत सरकार ने यह फैसला लिया ...और पढ़ें

भारत ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर विंडफॉल टैक्स घटाया

भारत ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर विंडफॉल टैक्स घटाया

HighLights

  1. पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1 रुपये प्रति लीटर घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर किया

  2. संशोधित दरें 16 सितंबर से अगले पखवाड़े के लिए लागू हो गई हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए भारत सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार हर 15 दिनों में तेल की वैश्विक कीमतों की समीक्षा करने के बाद विंडफॉल टैक्स की दरों में संशोधन करती है।

सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर निर्यात शुल्क कम कर दिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, संशोधित दरें 16 सितंबर से अगले पखवाड़े के लिए लागू हो गई हैं।

पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1 रुपये प्रति लीटर घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। डीजल पर कुल शुल्क 5 रुपये घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 4 रुपये घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

1 सितंबर को हुई पिछली समीक्षा में पेट्रोल पर 1.5 रुपये, डीजल पर 25 रुपये और एटीएफ पर 19 रुपये प्रति लीटर शुल्क तय किया गया था।

डीजल के मामले में पहले 24 रुपये स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) और 1 रुपये रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (आरआईसी) शामिल था। अब एसएईडी 20 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है और आरआईसी हटा दिया गया है।

सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की औसत कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े इन निर्यात शुल्कों की समीक्षा करती है। ये शुल्क पहली बार 27 मार्च 2026 से लगाए गए थे, ताकि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और निर्यात को हतोत्साहित किया जा सके।