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प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता को भारत ने बताया अनुचित, कहा- यह आंतरिक मामला

Published: Sat, 10 Oct 2026 11:59 PM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2026 01:06 AM (IST)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शनिवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में ...और पढ़ें

SIR विरोध पर चिंता जताने के लिए भारत ने की OHCHR की आलोचना (फोटो- एएनआई)

SIR विरोध पर चिंता जताने के लिए भारत ने की OHCHR की आलोचना (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणियों को पूरी तरह से अनुचित और एकतरफा करार दिया

  2.  यूएन द्वारा भारतीय प्राधिकारियों से डिटेन किए गए लोगों को तुरंत और बिना शर्त रिहा करने की अपील

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शनिवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। वहीं, इस मामले पर भारत का जवाब आया है। भारत ने कहा कि यह देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप है।

भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर हिरासत को लेकर जताई गई चिंता को गुमराह और अनुचित बताया।

भारत ने शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हिरासत पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की चिंता को गलत बताया और कहा कि शांतिपूर्ण सभा का अधिकार देश के संविधान द्वारा गारंटीकृत है।

एक्स पर किए गए पोस्ट में, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) की टिप्पणियां "भारत के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप" के बराबर हैं।

इसमें कहा गया है कि हमने नई दिल्ली में आज की घटनाओं के बारे में ओएचसीएचआर की टिप्पणियां देखी हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां शांतिपूर्ण सभा का अधिकार हमारे संविधान द्वारा गारंटीकृत है और मजबूत संस्थानों, एक स्वतंत्र न्यायपालिका और एक स्वतंत्र मीडिया द्वारा संरक्षित है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रवक्ता थामीन अल-खीतान ने एक बयान में कहा कि उनका कार्यालय प्रदर्शन से पहले और इसके दौरान देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों, विरोध प्रदर्शन के नेताओं, सिविल सोसायटी के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है।

आगे कहा कि हम अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान किया जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय संयम बरता जाना चाहिए। यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए।