नई दिल्ली, आइएएनएस। पंजाब में दोबारा आतंकवाद को उभारने की कोशिशों में जुटे पाकिस्तान (Pakistan) के मंसूबों को नाकाम करने के लिए भारत ने संयुक्त काउंटर ऑपरेशन सेंटर (Joint Counter Operation Centre) बनाने का फैसला किया है। इसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW), खुफिया ब्यूरो (IB), गृह मंत्रालय के साथ ही पंजाब पुलिस (Punjab Police) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सेंटर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने का काम करेगा।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पाकिस्तान में जमे आतंकी संगठनों द्वारा ड्रोन से पंजाब में हथियार गिराने और उसके बाद लगातार सीमावर्ती राज्य में ड्रोन देखने जाने के बाद नई दिल्ली में हुई सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में यह प्रस्ताव पेश किया गया था। यह सेंटर आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों को अंजाम देने के साथ ही पंजाब में आतंकियों को जड़े जमाने से रोकेगा।

इस फैसले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने पंजाब के डीजीपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों से इस दिशा में समयबद्ध तरीके से जल्द से जल्द काम करने और कार्रवाई के बारे में जानकारी देने को कहा है।

करतारपुर कॉरिडोर के खुलने और आइएसआइ द्वारा पंजाब में आतंकवाद को हवा देने की खुफिया सूचनाओं के बीच गठित होने वाला यह सेंटर सुरक्षा एजेंसियों के लिए नोडल एजेंसी का काम करेगा। खुफिया एजेंसियों ने साफ तौर पर कहा है कि पाकिस्तान की मंशा करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए करने का है। सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) जैसे कट्टरपंथी संगठनों के जरिए पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों को पूरा करना चाहता है। पाकिस्तान में खालिस्तान के समर्थन में अभियान चलाने के लिए कई गुरुद्वारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भड़काऊ पर्चे बांटे जा रहे हैं।

पंजाब पुलिस के साथ ही एनआइए ने भी एसएफजे के खिलाफ कई मामले दर्ज किए हैं। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान अन्य सिख आतंकी संगठनों को भी जिंदा करने की कोशिश में जुटा है। वह कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद से पंजाब के रास्ते भारत में हथियार भी भेज रहा है।

Posted By: Manish Pandey

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