नई दिल्ली : भारत विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के प्रयास में जुट गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए भारत को अन्य देशों की तुलना में बहुत कम खर्चीला बताया है। उन्होंने विदेशों में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के आइआइटी के फैसले को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग भी जारी की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आइसीसीआर) की ओर से आयोजित बैठक में सोमवार को इसकी जानकारी दी। स्मृति ईरानी के मुताबिक 3,600 से ज्यादा संस्थानों ने रैंकिंग के लिए आंकड़े उपलब्ध करा दिए हैं।

उन्होंने कहा, 'विदेशी छात्रों के महत्व को मान्यता देते हुए आइआइटी परिषद ने वर्ष 2017 में आठ देशों में प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। इसमें दक्षेस राष्ट्र भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य भारत में मेधावी छात्रों को कम खर्च पर तकनीकी शिक्षा मुहैया कराना है। प्रधानमंत्री भी शिक्षा कूटनीति को बढ़ावा दे रहे हैं।'

बकौल ईरानी, नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत चार अप्रैल को शैक्षिक संस्थानों की रैंकिंग जारी की जाएगी। इसे विदेश मंत्रालय को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इस दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। आइसीसीआर के प्रमुख प्रोफेसर लोकेश चंद्रा ने बताया कि विदेशी छात्रों के लिए हर साल 3,350 छात्रवृत्तियां जारी की जाती हैं।

By Abhishek Pratap Singh