नई दिल्ली (रायटर्स)। भारत चीनी पर 20 फीसदी निर्यात शुल्क की कटौती करने पर विचार कर रहा है। भारतीय खाद्य मंत्री ने शुक्रवार को ये घोषणा की। इस वर्ष उत्पादन में उछाल की उम्मीदों के बीच चीनी की कीमतों को कम करने के प्रयास कर रही है। बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है।

लोकल बाजारों में चीनी की कीमतें 2017-18 वित्तीय वर्ष में 16 फीसदी तक गिर गई है। जिसके बाद मिल मालिकों को किसानों को भुगतान करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा, हमने चीनी पर आयात शुल्क को दोगुना कर दिया है। इस उद्योग में निर्यात शुल्क को खत्म करने सहित कई मांगे हैं जिन पर हम विचार कर रहे हैं।

पासवान ने कहा कि सरकार चालू वर्ष में चीनी के उत्पादन में 24.9 मिलियन टन के उछाल की उम्मीद कर रही है जो पिछले 2016-17 के 20.2 मिलियन टन के उत्पादन से 23 फीसदी ज्यादा होगा। जबकि दूसरी तरफ भारतीय चीनी मिल एसोसियेशन (आइएसएमए) ने इस सीजन 26.2 मिलियन टन चीनी के उत्पादन का ब्यौरा दिया है। कीमत की बात की जाए तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमतों में पिछले 3 महीनों में 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

उत्पादन में बढ़ोतरी और कीमतों में भारी गिरावट ने भी भारत के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक महाराष्ट्र जैसे राज्यों को सीधे चीनी की खरीदी करने के लिए मजबूर कर दिया है। बता दें कि, भारत में चीनी उत्पादन को लेकर काफी अनिश्चितता है। यहां देश की खेती का आधा हिस्सा पानी की आस में मॉनसून के महीने जून से सितंबर महीने तक निर्भर करता है। मालूम हो कि गन्ने की खेती में काफी पानी की जरुरत होती है।

Posted By: Srishti Verma

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