सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों को बुलेट ट्रेन की रफ्तार को मात देने वाली स्वदेशी वंदेभारत 2.0 की सौगात देंगे। नवरात्र के पांचवें दिन माता स्कंदमाता की पूजा अर्चना के साथ प्रधानमंत्री मोदी गुजरात की राजधानी गांधीनगर से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों के लिए यह नवरात्र का बड़ा तोहफा होगा। राज्य में कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है।

29 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी के इस बहुउद्देश्यीय दौरे को इसी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। गुजरात में प्रधानमंत्री 29 और 30 सितंबर तक दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान राज्य में कुल 29 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। देश की पहली बुलेट ट्रेन भी इन्हीं दोनों राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र की राजधानियों के बीच चलेगी, जिसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर हो रही हैं। विभिन्न कार्य परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

कानूनी कार्यवाही भी तेज

बुलेट ट्रेन की राह में महाराष्ट्र की तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार की अध्यक्षता वाली महाअघाड़ी गठबंधन की सरकार ने रोड़ा अटका दिया था, जिससे यह महत्वाकांक्षी परियोजना पिछड़ गई है। गुजरात और महाराष्ट्र के बीच बिछायी जाने वाली खास रेलवे ट्रैक का एक बड़ा हिस्सा जो महाराष्ट्र में है, वहां काम चालू नहीं हो सका है। वहां की उद्धव सरकार के गिर जाने के बाद नई सरकार ने काम को तेज कर दिया है, जिससे जमीनों का अधिग्रहण और अन्य कानूनी कार्यवाही तेज हो गई है।

वंदे भारत रेलवे का ड्रीम प्रोजेक्ट

इसी ट्रैक पर 21 किमी लंबी सुंरग खोदी जाएगी, जिसमें सात किमी लंबाई का हिस्सा समुद्र के नीचे से गुजरेगा। शुक्रवार को शुरु होने वाली वंदेभारत त्वरित गति वाली ट्रेन है। इस ट्रेन ने ट्रायल रन में बुलेट ट्रेन को भी कुछ मामलों में पीछे छोड़ दिया है। स्वदेशी तकनीक से तैयार इस ट्रैन को रेलवे का ड्रीम प्रोजेक्ट भी माना जा रहा है।

कल पुर्जे भी देश में हो रहे तैयार

इससे पूर्व पहली वंदेभारत ट्रेन नई दिल्ली से बनारस और दूसरी वंदेभारत ट्रेन नई दिल्ली से जम्मू के कटरा तक चलाई जा चुकी है। लेकिन शुक्रवार से चालू होने वाली इस वंदेभारत ट्रेन कई मामलों में पहले चल रही ट्रेनों से अलग है। इस ट्रेन का पुर्जा स्वदेशी तकनीक से घरेलू कारखानों में तैयार किया गया है। ट्रेन की ट्रायल रफ्तार 180 किमी रिकार्ड की गई थी, जो किसी भी अन्य ट्रेन के मुकाबले अधिक है।

बुलेट ट्रेन को छोड़ा पीछे

इसकी एक अन्य खासियत का बखान करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अपनी इस वंदेभारत ट्रेन ने 52 सेकंड के भीतर 100 किमी की रफ्तार पकड़ लिया था। जबकि बुलेट ट्रेन को 100 किमी की रफ्तार पकड़ने में 56 सेंकड तक लग जाते हैं। दूसरी बात यह कि इस ट्रेन का संतुलन इतना शानदार है कि इस तीव्र रफ्तार के बावजूद इसके कोच में भरे गिलास का पानी नहीं छलका।

उद्योगों को होगा लाभ

प्रधानमंत्री वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के 62 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू महेसाणा सेक्शन और 13 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू चटोदर सेक्शन (पालनपुर बाईपास लाइन) को भी समर्पित करेंगे। यह लाइन पिपावाव, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला), मुंद्रा और गुजरात के अन्य बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। इन सेक्शन के खुलने से 734 किलोमीटर का वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चालू हो जाएगा। इस खंड के खुलने से गुजरात के मेहसाणा-पालनपुर, राजस्थान में स्वरूपगंज, केशवगंज, किशनगढ़; हरियाणा में रेवाड़ी-मानेसर और नारनौल में उद्योगों को लाभ होगा। 

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Edited By: Krishna Bihari Singh

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