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भारत का रसायन उद्योग 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर का होगा, बोले- जेपी नड्डा

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:45 PM (IST)

भारत का रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर का हो जाएगा, जो वर्तमान में 220 अरब डॉलर का है।

भारत का रसायन उद्योग 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर का होगा। (फाइल)

भारत का रसायन उद्योग 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर का होगा। (फाइल)

HighLights

  1. रसायन उद्योग 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य।

  2. घरेलू उत्पादन बढ़ाना, उच्च मूल्य रसायनों में निवेश, आयात घटाना।

  3. इंडिया केम-2026 में उद्योग की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत का रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग डेढ़ दशक में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अभी लगभग 220 अरब डॉलर के बाजार वाला यह क्षेत्र 2040 तक एक लाख करोड़ डॉलर के आकार को प्राप्त कर लेगा। हालांकि, चुनौती भी है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने, उच्च मूल्य वाले रसायनों के निर्माण में निवेश करने और आयात पर निर्भरता कम करना होगा।

नीति आयोग की रिपोर्ट में भी इन क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। मुंबई में शनिवार को संपन्न हुए इंडिया केम-2026 में उद्योग जगत और सरकार के बीच इन चुनौतियों पर चर्चा हुई।

रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में रसायन उद्योग की बड़ी भूमिका होगी। सरकार का अनुमान है कि इस उद्योग का बाजार 2040 तक करीब एक लाख करोड़ डॉलर और 2047 तक 1.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है।

मौजूदा समय में भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक और एशिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यह उद्योग देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग सात प्रतिशत योगदान देता है।

कृषि, दवा, कपड़ा, वाहन, निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अनेक क्षेत्रों में रसायनों की जरूरत होती है। इसलिए इस उद्योग का विस्तार देश के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इंडिया केम-2026 में विशेष रसायनों, कृषि रसायनों, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर चर्चा हुई। जापान साझेदार देश रहा, जबकि भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ मंचों पर भी व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर विचार किया गया।