नई दिल्‍ली, प्रेट्र/एएनआइ। भारत द्वारा गुलाम कश्‍मीर में पि‍नप्‍वाइंट स्‍ट्राइक अफवाह है। ऐसी कोई कार्रवाई सेना ने नहीं की है। पहले यह दावा समाचार एजेंसी पीटीआइ ने किया था। बाद में समाचार एजेंसी एएनआइ ने सेना के हवाले से कहा कि गुलाम कश्‍मीर में एयर स्‍ट्राइक की खबर फर्जी है। भारतीय सेना के महानिदेशक सैन्य अभियान लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारतीय सेना की कार्रवाई की रिपोर्टें फर्जी हैं। भारतीय सेना की ओर से स्पष्ट किया गया कि आज यानी गुरुवार को कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बाद में इस बारे मेंं स्पष्ट किया गया कि समाचार एजेंसी पीटीआई की स्टोरी 13 नवंबर को हुए सीजफायर उल्लंघन के विश्लेषण पर आधारित है। उस दिन पाकिस्तान की कई चौकियों को उड़ाने के वीडियो भी सामने आए थे।

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार, सेना के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लॉन्चिंग पैड को निशाना बनाया गया है। कड़ाके की ठंड से पहले भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में लगी पाकिस्तानी सेना को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना पीओके के भीतर बने संदिग्ध आतंकी अड्डों पर पिनप्वाइंट स्ट्राइक कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के उद्देश्य से वैश्विक आतंकवाद रोधी एफएटीएफ से जांच से बचने और एक ही समय में आतंक का समर्थन करने के बीच एक अच्छा संतुलन का प्रबंधन करने की कोशिश की है।

पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ का समर्थन करने के लिए भारी स्‍तर पर आर्टिलरी गन से अंधाधुंध गोलीबारी का सहारा लेकर नियंत्रण रेखा (एलओसी) के भारतीय हिस्से पर नागरिकों को आक्रामक तरीके से निशाना बना रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल 21 निर्दोष नागरिकों ने पाकिस्तानी गोलीबारी में अपनी जान गंवाई है।

पाकिस्तान ने शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ कई इलाकों में भारी गोलाबारी की जिससे कम से कम चार नागरिकों के अलावा पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। भारतीय सेना ने टैंक रोधी निर्देशित मिसाइलों और तोपों से कई पाकिस्तानी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें कम से कम आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए।

पाकिस्तान सेना की कार्रवाई में नागरिकों को विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है। इसके जवाब में भारतीय सेना द्वारा गुलाम कश्मीर में आतंकियों के संदिग्ध लॉन्चपैड पर हमले किए जा रहे हैं। सूत्रों ने कहा, पाकिस्तान की सहानुभूति हासिल करने और विदेशी दाताओं से उगाही के लिए क्षेत्र में आतंकवादियों की मौत को नागरिक की मौत के रूप में दिखाया गया है। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना भी एलओसी के पास भारतीय सेना की चौकियों पर भारी हथियारों के साथ गोलीबारी कर रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल घुसपैठ की आठ बार कोशिश को नाकाम कर दिया गया है और 14 आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश को विफल कर दिया गया है।

भारत ने बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों पर किया था हवाई हमला 

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान पिछले साल भारत के बालाकोट हवाई हमलों के बाद आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों के स्थान की कड़ी निगरानी कर रहा है। पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारतीय युद्धक विमानों ने पिछले साल 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर एक जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर को उड़ा दिया था, जिसमें कर्इ आतंकी मारे गए थे। भारतीय सेना की कार्रवाई ने सीमा पार आतंकवाद से निपटने में देश के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में दर्शाया। सूत्रों ने कहा कि कश्मीर घाटी में हिंसा भड़काने और आम नागरिकों के जीवन को बाधित करने के पाकिस्तान के प्रयासों को निरर्थक साबित कर दिया है। मुख्यधारा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्‍या में युवा आत्मसमर्पण कर रहे हैं ।

अमित शाह ने एयर स्‍ट्राइक का किया था जिक्र 

कुछ दिनों पहले भारतीय सेनाओं की एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत ने अब अपने दुश्मनों को करारा जवाब देना शुरू कर दिया है। पहले की तरह अब केवल कूटनीतिक बयान जारी कर देना काफी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

Disclaimer :- खबर के पहले वर्जन में कुछ त्रुटियां थीं, जिन्‍हें बाद में एजेंसी द्वारा सुधार करने के बाद तुरंत ठीक कर दिया गया था।   

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