नई दिल्ली, रायटर। भारत ने अपने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को फाइल शेयरिंग वेबसाइट वीट्रांसफर को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। सरकार ने यह आदेश ऐसे समय दिया है जब कोरोना वायरस के चलते लाखों लोग घर से काम कर रहे हैं। दूरसंचार विभाग ने वीट्रांसफर को ब्लॉक करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। इसने सभी लाइसेंस धारकों को राष्ट्रीय सुरक्षा या आम लोगों के हित में इसे ब्लॉक करने को कहा है। वीट्रांसफर ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि इस समय लगता है। हमें भारत में ब्लॉक और अनुपलब्ध कर दिया जाएगा। हम इसका कारण जानने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी बीच एक एथिकल हैकर्स के एक समूह ने दावा किया है कि मोबाइल पेमेंट एप 'भीम' के यूजर्स से जुड़े करीब 72.6 लाख रिकॉ‌र्ड्स एक वेबसाइट पर सार्वजनिक हो गए थे। लेकिन स्मॉल पेमेंट एप्लीकेशन का संचालन करने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) ने स्पष्ट किया है कि भीम एप का कोई डाटा सार्वजनिक नहीं हुआ है। सभी से अनुरोध किया जाता है कि वे ऐसी अटकलों का शिकार न बनें। एनपीसीआइ अपने बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा व एकीकृत दृष्टिकोण का पालन करता है और मजबूत पेमेंट इकोसिस्टम उपलब्ध कराना जारी रखेगा।

वीपीएन रिव्यू वेबसाइट 'वीपीएनमेंटर' की रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक हुए डाटा में नाम, जन्मतिथि, उम्र, लिंग, घर का पता, जाति, आधार कार्ड का विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं। 'वीपीएनमेंटर' के सुरक्षा अनुसंधानकर्ताओं ने एक ब्लॉग में लिखा है, 'उजागर हुए डाटा का स्तर असाधारण है, इसने देशभर के लाखों लोगों को प्रभावित किया है और उन्हें संभावित खतरनाक धोखाधड़ी, चोरी, हैकर्स व साइबर अपराधियों के हमले का निशाना बनने को लिए छोड़ दिया है।'

Posted By: Krishna Bihari Singh

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