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विजन 2047 की ओर बड़ा कदम: परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए बनेगा अलग एकीकृत प्राधिकरण

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:16 PM (IST)

भारत सरकार ने विजन 2047 के तहत परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए एक अलग एकीकृत प्राधिकरण (ITLA) बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत भारत के विजन 2047 को साकार करने करने के उद्देश्य से सरकार ने पहली बार परिवहन और लाजिस्टिक्स के लिए अलग एकीकृत प्राधिकरण बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है।

बहुआयामी संपर्क को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे की दक्षता में सुधार, लाजिस्टिक्स लागत में कमी लाने और भारत की वैश्विक लाजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढ़ाने के लिए मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लाजिस्टिक्स अथारिटी (आइटीएलए) की स्थापना को स्वीकृति दे दी।

स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के रूप में यह प्राधिकरण भारत सरकार की 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित परियोजनाओं के तकनीकी मूल्यांकन सहित अनुसंधान और कार्यान्वयन की निगरानी जैसे दायित्व संभालेगा।

परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए एकीकृत प्राधिकरण स्थापित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जिस आइटीएलए को हरी झंडी दिखाई है, वह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा।

सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य परिवहन से संबंधित विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों में बिखरी हुई योजनाओं और कार्यान्वयन में आने वाली प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना है।

यह राष्ट्रीय शीर्ष संस्था एकीकृत परिवहन और लाजिस्टिक्स योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी, नीतिगत समर्थन और डाटा विश्लेषण के लिए सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करेगी।

यह दस वर्ष या उससे अधिक की योजना अवधि के साथ राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगी, जिसमें सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी, नागर विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय जहाजरानी, शहरी गतिशीलता और लाजिस्टिक्स व्यवस्था शामिल होंगे।

लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी

आइटीएलए परिवहन से जुड़े मंत्रालयों की अल्पकालिक क्षेत्रीय योजनाओं (लगभग पांच वर्ष) और वार्षिक योजनाओं का मूल्यांकन करेगा, ताकि राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान के साथ दिशा सुनिश्चित की जा सके और अवसंरचना विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

सरकार ने बताया कि यह संस्था भारत सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली अवसंरचना परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। उनका वित्तीय मूल्यांकन वर्तमान वित्तीय मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से ही किया जाता रहेगा।

हालांकि, ऐसी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित तंत्र प्रदान करेगी तथा इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के बाद के प्रभाव का आकलन भी करेगी।

बनेगा राष्ट्रीय परिवहन डाटा भंडार

आइटीएलए जीएसटीएन ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस-आधारित प्रणाली, शहरी यातायात प्रबंधन प्रणाली और अन्य प्रासंगिक डाटाबेस सहित कई स्रोतों से परिवहन और लाजिस्टिक्स डाटासेट प्राप्त करेगा। उससे एकीकृत परिवहन डाटा भंडार का निर्माण करेगा। योजना, निगरानी तथा प्रभाव आकलन के लिए डाटा विश्लेषण किया जाएगा।

इसके साथ ही राष्ट्रीय लाजिस्टिक्स नीति (2022) की समीक्षा और उसे अपडेट करने के लिए परामर्श और सहायता का दायित्व भी प्राधिकरण को सौंपा गया है।