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कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ भारत की बड़ी डील फाइनल? दिसंबर में FTA पर होगा समझौता

Published: Wed, 23 Sep 2026 09:19 PM (IST)

भारत दिसंबर में यूरोपीय संघ और कनाडा के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को अंतिम रूप देने के करीब है।

कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ भारत की बड़ी डील फाइनल। (रॉयटर्स)

कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ भारत की बड़ी डील फाइनल। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. दिसंबर में भारत-यूरोपीय संघ और कनाडा एफटीए पर हस्ताक्षर संभव।

  2. प्रधानमंत्री मोदी की बेल्जियम और कनाडा यात्रा के दौरान समझौते।

  3. यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं पर 99% शुल्क समाप्त करेगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पिछले तीन वर्षों में ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) कर चुका भारत अब यूरोपीय संघ और कनाडा के साथ भी बड़े समझौतों की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में बेल्जियम और कनाडा की यात्रा पर जा रहे हैं। उम्मीद है कि इसी दौरान इन दोनों भागीदारों के साथ लंबे समय से लंबित एफटीए पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने मंगलवार को स्वयं यह जानकारी दी है कि पीएम मोदी दिसंबर में वहां जा रहे हैं। यह लगातार दूसरे वर्ष भारतीय प्रधानमंत्री की कनाडा यात्रा होगी जो इन दोनों देशों के बीच तेजी से सामान्य होते संबंधों को बता रहा है।

अधिकांश मुद्दों पर सहमति बनी

हाल के महीनों में यूरोपीय संघ और कनाडा, दोनों के साथ कई दौर की बातचीत हुई है और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है। कनाडा को लेकर पिछले दिनों वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि अगले तीन महीने काफी महत्वपूर्ण है। जबकि जनवरी, 2026 में ही भारत व यूरोपीय संघ (EU) ने एफटीए करने को लेकर औपचारिक घोषणा कर दी थी।

भावी संधि के सारे चैप्टर पर अंतिम सहमति बन चुकी है। अब सिर्फ शीर्ष नेताओं की तरफ से हस्ताक्षर किये जाना है जिसके पीएम मोदी की बेल्जियम यात्रा के दौरान होने की संभावना है।

दिसंबर में होगी समझौते की घोषणा

ईयू के साथ होने वाले एफटीए की ताजी स्थिति यह है कि कुछ दिन पहले ही यूरोपीय आयोग ने यूरोपीय परिषद के समक्ष हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत कर दिया है। इसे सभी 27 सदस्य देशों का समर्थन मिल चुका है। अब दिसंबर में ब्रुसेल्स में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान औपचारिक हस्ताक्षर के बाद इसे लागू करने की घोषणा की जाएगी।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को दिसंबर में ब्रुसेल्स आने का निमंत्रण दिया है। समझौता यूरोपीय संसद की सहमति और भारत की आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2027 की शुरुआत में लागू हो सकता है।

अभी तक जो जानकारी वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से दी गई है उसके मुताबिक भारत-ईयू एफटीए करीब 200 करोड़ लोगों और विश्व के 25 फीसद जीडीपी वाले बाजार को जोड़ेगा। यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं के लगभग 99 प्रतिशत व्यापार मूल्य पर शुल्क समाप्त या कम करेगा।

96-97 फीसद सामानों पर चरणबद्ध शुल्क कटौती

कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, रसायन और खिलौने जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों को पहले दिन से ही शून्य या बहुत कम शुल्क का लाभ मिलेगा। भारत यूरोपीय संघ की लगभग 96-97 फीसद वस्तुओं पर चरणबद्ध शुल्क कटौती करेगा। सनद रहे कि भारत व ईयू ने वर्ष 2007 में एफटीए पर वार्ता शुरू की लेकिन 2013 में मतभेदों के कारण एक दशक तक कोई वार्ता नहीं हुई। जुलाई 2022 में इन्हें फिर से शुरू किया गया था।

कुछ ऐसी ही स्थिति कनाडा के साथ एफटीए को लेकर भी रही। 2010 से 2017 तक समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (सीपीईए) बातचीत चली लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में राजनीतिक वजहों से बिगाड़ आने से प्रगति काफी सुस्त हो गई थी।

संबंध सामान्य होने के बाद 2 मार्च 2026 को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान वार्ता के संदर्भ की शर्तें (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) पर हस्ताक्षर हुए और बातचीत औपचारिक रूप से फिर शुरू हुई। दोनों तरफ से काफी तेजी दिखाई गई और सिर्फ सात महीने में चार दौर की बातचीत पूरी भी हो गई। अक्टूबर को पहलो हफ्ते में पांचवां दौर कनाडा में शुरू होगा।