विधानसभा चुनाव से पहले INDI गठबंधन का 'शक्ति प्रदर्शन', ECI-SIR को महासंग्राम की तैयारी
INDI गठबंधन ने चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की कठपुतली बताते हुए चुनावी धांधलियों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।

INDI गठबंधन का 'शक्ति प्रदर्शन'। (पीटीआई)
HighLights
ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की कठपुतली बताकर INDI गठबंधन का आंदोलन।
2 अक्टूबर से 'लोकतंत्र बचाओ मार्च', राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग, दिल्ली में बड़ी संयुक्त रैली।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। INDI गठबंधन में शामिल दलों ने बुधवार को वोट चोरी और SIR प्रक्रिया को लेकर विवादों के तूफान में घिरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मोदी सरकार की कठपुतली बताते हुए चुनावी धांधलियों के विरुद्ध आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने का एलान कर दिया।
ज्ञानेश कुमार को हटाने का दबाब बनाने के लिए 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत संयुक्त विरोध प्रदर्शन कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी करते हुए विपक्ष ने इसमें नागरिकों, सिविल सोसायटी और गैरसरकारी संगठनों से साथ आने की अपील की है।
दो अक्टूबर से विपक्ष का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च'
विरोध आंदोलन के तहत दो से आठ अक्टूबर तक विपक्षी पार्टियां देशभर में जिला स्तरीय 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकालकर चुनावी धांधलियों के प्रति जागरूकता फैलाएंगी। गठबंधन के सभी सांसद छह अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च निकालेंगे।
SIR विवाद पर राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे विपक्ष के नेता
विपक्षी दलों के नेता अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में SIR विवाद पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का समय मांगेंगे। वोट चोरी के मुद्दे पर अक्टूबर में अलग-अलग जगहों पर विपक्षी दल पांच रैलियां करेंगे, तो एक नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी संयुक्त रैली होगी। उसके बाद हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी रैली होगी।
विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट को संयुक्त पत्र लिखकर SIR और चुनावी धांधलियों से जुड़े सभी मामलों के जल्द से जल्द निपटारे की मांग करने का भी फैसला लिया है।
करीब साढ़े तीन घंटे चली INDI गठबंधन की बैठक
INDI गठबंधन के नेताओं की यहां करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग फिर से उठाने की भी घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुआई में हुई बैठक में 19 पार्टियों के साथ निर्दलीय सांसद व मशहूर वकील कपिल सिब्बल भी शामिल हुए।
कौन-कौन हुआ शामिल?
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कान्फ्रेंस नेता व जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद के तेजस्वी यादव, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, माकपा के एमए बेबी, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े विपक्षी नेता बैठक में शामिल हुए।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में ऑनलाइन जुड़े। खरगे ने बैठक के बाद विपक्षी नेताओं संग संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपरोक्त छह सूत्री विरोध कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा कि हम लोगों को बताएंगे कि मोदी सरकार नागरिकों से अपनी सरकार चुनने का सबसे बड़ा अधिकार कैसे छीन रही है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर सभी दलों के सहमत होने की बात करते हुए खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बैठी "चोर सरकार" द्वारा बनाए गए कानूनों को रद कर दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी और शाह पर साधा निशाना
राहुल ने कहा विपक्ष लोगों तक यह बात पहुंचाने में काफी सफल रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव चुराए हैं और लोकतंत्र को नष्ट किया है। बैठक में उन्होंने कहा कि वे संविधान के सामूहिक रक्षक हैं और अगले कुछ महीनों में हम देश में बड़े बदलाव करेंगे।
राहुल ने कहा, 'सभी पार्टियों की राय है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है और हम सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद किया है उन्हें सजा मिले।'
ममता बनर्जी ने दावा किया, 'चुनाव में बड़ा घोटाला हुआ है जिसके नतीजे जनता भुगत रही है। अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम लोग मिट्टी से आसमान तक आंदोलन करेंगे, लड़ेंगे, तथा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करेंगे।"
