चेन्नई, प्रेट्र। आयकर विभाग की तरफ से दक्षिण भारत के राज्यों में की गई छापेमारी में आध्यात्मिक गुरु कल्कि भगवान द्वारा स्थापित कई कंपनियों व ट्रस्टों की 500 करोड़ से ज्यादा की अघोषित आय पकड़ी गई।

आयकर विभाग के आधिकारिक बयान में शुक्रवार को बताया गया कि अघोषित आय में 409 करोड़ की बेहिसाब प्राप्ति रसीदें (कैश रीसिप्ट) शामिल हैं। इस दौरान 43.9 करोड़ रुपये की नकदी व 18 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की अमेरिकी मुद्रा भी जब्त की गई। कुल 93 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं। इनमें 88 किलो सोने के गहने, जिनकी कीमत 26 करोड़ रुपये है तथा करीब पांच करोड़ रुपये के 1,271 कैरेट हीरे शामिल हैं।

बयान के अनुसार, बुधवार को आध्यात्मिक गुरु द्वारा स्थापित कंपनियों व ट्रस्टों के 40 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इनमें चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु व आंध्र प्रदेश के वरदैयापालम (तमिलनाडु सीमा के करीब) शामिल हैं। कंपनी व ट्रस्टों के ठिकानों पर छापे अब भी जारी हैं।

विदेशी मुद्रा में चुकाते हैं फीस

आध्यात्मिक गुरु की कंपनियां कल्याण पाठ्यक्रम (Wellness courses) का संचालन करती हैं। एकात्म दर्शन पर आधारित इन पाठ्यक्रमों व प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन वरदैयापालम, चेन्नई व बेंगलुरु स्थित कई आवासीय परिसरों में किया जाता है। इनके अनुयायियों में विदेशी भी शामिल हैं, जो यहां आकर रहते हैं और विदेशी मुद्रा में फीस चुकाते हैं। रियल स्टेट, निर्माण व देश-विदेश में खेल के क्षेत्रों से जुड़े इस समूह का संचालन आध्यात्मिक गुरु व उनके पुत्र करते हैं।

छापे में मिली नकदी व अन्य कीमती सामग्री

आयकर विभाग ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापे की कार्रवाई शुरू की गई। बताया गया था कि समूह उन प्राप्तियों को छिपा रहा है, जिनका निवेश विदेश व आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु की संपत्तियों में किया गया है। छापेमारी के दौरान समूह की तरफ से संचालित किए जाने वाले विभिन्न केंद्रों व आश्रमों की प्राप्तियों को नियमित रूप से छिपाए जाने के साक्ष्य मिले हैं। ये साक्ष्य एक प्रमुख कर्मचारी के पास से बरामद हुए, जो कैश कलेक्शन का ब्योरा रखता है। उसने कैश कलेक्शन को खाते से अलग रखा था, जिससे उस राशि का निवेश अन्यत्र किया जा सके। यह भी पता चला है कि समूह ने संपत्तियों की बिक्री के जरिये भी अघोषित आय अर्जित की है। पहली नजर में वर्ष 2014-15 के बाद 409 करोड़ की बेहिसाब प्राप्तियां सामने आई हैं। आध्यात्मिक गुरु व उनके पुत्र के घर छापे में मिली नकदी व अन्य कीमती सामग्री से इन प्राप्तियों के साक्ष्य मिलते हैं।

टैक्स हैवेन देशों में भी किया है निवेश

आयकर विभाग ने बताया कि आध्यात्मिक गुरु के समूह ने भारत के साथ-साथ टैक्स हैवेन देशों में भी निवेश किया है। इनकी कुछ कंपनियां चीन, अमेरिका, सिंगापुर व यूएई में भी हैं। इन कंपनियों के जरिये उन विदेशी ग्राहकों से पैसे वसूले जाते हैं, जो भारत में आवासीय पाठ्यक्रम में शामिल होने आते हैं।

Posted By: Dhyanendra Singh

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