नई दिल्ली, प्रेट्र। चेन्नई स्थित शिक्षण संस्थान पर मारे गए छापे के दौरान आयकर विभाग ने 350 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय पकड़ी है। इसके अलावा विभाग ने लगभग आठ करोड़ की नकदी और आभूषण जब्त किए हैं। आयकर विभाग के लिए नीति निर्माण करने वाली निकाय सीबीडीटी ने कहा है कि पिछले 30 साल से चेन्नई और उसके आसपास शिक्षण संस्थान चला रहे ट्रस्ट के समूह के मामले में सात नवंबर को तलाशी ली गई। बोर्ड ने यह नहीं बताया है कि तलाशी कहां ली गई, लेकिन सूत्रों ने पेपिअर समूह की पुष्टि की है।

पांच करोड़ नकदी और तीन करोड़ के आभूषण जब्त

सीबीडीटी ने कहा है कि समूह कई इंजीनिय¨रग, पॉलीटेक्निक, डेंटल और नर्सिग कॉलेज, अस्पताल और स्कूल चला रहा था। समूह की मछली, सीमेंट, दूध, बोतल बंद पानी और लोहा एवं स्टील जैसे कारोबार में रुचि थी। कार्रवाई के दौरान करीब पांच करोड़ नकदी और करीब तीन करोड़ के आभूषण जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार समूह की अघोषित आय 350 करोड़ रुपये आंकी गई है।

नोटिस में गलत जानकारी देने पर की गई छापेमारी  

आयकर विभाग ने इस साल से ई आंकलन योजना शुरू की है। इसमें वित्तीय वर्ष 2018-19 में रिटर्न जमा होने के बाद नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ये नोटिस रिटर्न में सूचना नहीं देने, संक्षिप्त सूचना देने, गलत सूचना देने से संबंधित है। ई आंकलन के तहत आयकर विभाग के सिस्टम ने आय छुपाने वालों की जानकारी ली है। इसमें छोटे व्यापारी, नौकरी पेशा कर्मचारी, अधिकारी आदि शामिल हैं। इनके खातों में वेतन से अधिक रुपये जमा होना पकड़ा गया है। कुछ ऐसे मामले पकड़े हैंए जिनमें वास्तविक आय से कम आयकर दिया या संपत्ति छिपाए गई हैं। इस कारण आयकर विभाग देश में अलग-अलग जगहों पर छापे मार रही है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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