नई दिल्ली। IN PICS Cyclone Nisarga : कोरोना महामारी के बीच चक्रवाती तूफान निसर्ग से देश के कुछ राज्य भी प्रभावित हुए। सबसे अधिक असर समुद्र के किनारे बसे शहरों में देखने को मिला। यहां पर एहतियात के तौर पर पहले ही लोगों को अपने घरों में रहने के लिए कह दिया गया था। साथ ही अगले दो दिनों तक घर से बाहर न निकलने की एडवाइजरी भी जारी कर दी गई थी।

तूफान के बाद सड़क पर गिरे पेड़ को काटकर हटाने की कोशिश करते एनडीआरएफ के जवान। 

सड़क पर गिरे पुराने पेड़ की वजह से ट्रैफिक आवाजाही पर पड़ रहा था असर, तूफान शांत होने के बाद हटाने के लिए जुट रही टीम। 

तूफान की वजह से चली तेज हवाओं से गिर गए दर्जनों पेड़। कई जगह पुराने मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। 

मुंबई में थाणे के किनारे सुरक्षा के लिहाज से तैनात की गई टीम और छोटी नाव पर कुछ मछुआरे। 

मुंबई में समुद्र किनारे उठी ऊंची लहरें। 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तो बाकायदा अपील की थी कि लोग घरों में रहे तो सुरक्षित रहेंगे। तूफान का स्तर जिस तरह से बताया जा रहा है वो काफी भयानक होगा। समुद्र किनारे बसे लोगों को दूर के इलाकों में भी शिफ्ट कर दिया गया था। शासन की ओर से एडवांस में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई थीं साथ ही कुछ टीमें स्टैंडबाय में भी रखी गई थी। 

समुद्र के किनारे उठ रही ऊंची लहरों को निहारती एक महिला। 

महिलाओं को बचाव के लिए दी जा रही जानकारी। स्कूलों में दी गई शेल्टर। 

एनडीआरएफ की टीम समुद्र किनारे एनाउंस करके लोगों को बचाव के लिए कहती हुई। समुद्र में आने वाले चक्रवाती तूफान की भी जानकारी दी गई जिससे लोग बचाव कर सकें और अपने को सुरक्षित रखें। 

समुद्र किनारे नावों को बांधकर रख दिया गया जिससे वो तेज हवा के झोंकों के साथ बह न जाएं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की भी सलाह दी गई। 

बीते दो दिनों से इस चक्रवाती तूफान को लेकर तमाम तरह की बातें कही जा रही है। हम आपको इस तूफान की कुछ तस्वीरें दिखा रहे हैं जिससे आपको इस तूफान की भयावहता का अंदाजा लग पाएगा।  

 तूफान की वजह से पेड़ गिर गए और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है।

बिजली के खंभों को दुरूस्त करके सप्लाई चालू करने में विभाग को कई घंटे लगे। 

रायगढ़: हरिहरेश्वर और दमन के बीच महाराष्ट्र तट को पार करने वाले साइक्लोन निसारगा के मद्देनजर अलीबाग के एक स्कूल में लगभग 390 लोगों को एक  राहत शिविर के लिए भेज दिया गया है।

एक बुजुर्ग को एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।  

एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बता दें कि दोनों पश्चिमी राज्य, पहले से ही कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं, जिसने उनके स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर तनाव में डाल दिया है।

 पणजी शहर के कुछ हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई है।

 एनडीआरएफ की टीम ने लगभग 1500 नागरिक को सुरक्षित निकाल कर रायगढ़ में शरण दी।

 एएनआइ के अनुसार दमन में चक्रवात 'निसर्ग' के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है। एनडीआरएफ की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

महाराष्ट्र: बृहन्मुंबई नगर निगम के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम ने आज वर्सोवा में समुद्र के किनारे स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

Posted By: Vinay Tiwari

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