नई दिल्ली, आइएएनएस। पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकी सरगना सैयद सलाहुद्दीन के एक हमले में घायल होने की सूचना है। अमेरिका के घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकी पर 25 मई को इस्लामाबाद में उसके आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने के नजदीक हमला हुआ। घायल सलाहुद्दीन को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के उच्च अधिकारी ने दी है। 

आइएसआइ ने करवाया हमला 

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के रावलपिंडी में सैयद सलाउद्दीन के ऑफिस के पास हमले में घायल हो गया। माना जा रहा है कि आतंकी सरगना पर यह हमला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने करवाया, जिसका उद्देश्य सलाहुद्दीन को भयभीत करना था, न कि उसकी हत्या करना। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी दशकों से उसका इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए कर रही है। मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला मुहम्मद यूसुफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन दशकों पहले पाकिस्तान भाग गया था। इसके बाद उसने वहीं रहकर आइएसआइ की सरपरस्ती में भारत विरोधी गतिविधियों को चलाना शुरू कर दिया।

जम्‍मू-कश्‍मीर में हमले के बदले मिलती हैं सुविधाएं 

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के जरिये वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदातों को अंजाम दिलवाता था। बदले में पाकिस्तान से तमाम सुविधाएं हासिल करता था। लेकिन हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में बदले हालात से उसके संगठन का काम करना मुश्किल हो गया। 

पाकिस्‍तान से भेजे गए आतंकी मारे जाने लगे और नए सदस्यों की भर्ती मुश्किल

भारत में उसके भेजे आतंकी मारे जाने लगे और नए सदस्यों की भर्ती मुश्किल हो गई। हाल में कश्मीर में मारा गया आतंकी रियाज नायकू हिजबुल मुजाहिदीन का ही कमांडर था। कश्मीर में आतंकी वारदातों में कमी आने पर आइएसआइ ने सलाहुद्दीन पर गतिविधियां बढ़ाने के लिए दबाव बढ़ा दिया।

हमला कर बनाया जा रहा है दबाव

माना जा रहा है कि इसी दबाव के चलते ही सलाहुद्दीन पर हमला कर उसे डराया गया है। सलाहुद्दीन वर्षो से पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी आतंकी संगठनों के गठजोड़- यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का प्रमुख है। सलाहुद्दीन के परिजन भारत में रहते हैं लेकिन वह पाकिस्तान में रहकर भारत को नुकसान पहुंचाने वाली आतंकी गतिविधियां चलाता है। 

इसे भी पढ़े : आइएसआइ का यसमैन रहा सैयद सलाहुद्दीन अब पाकिस्‍तान के लिए बन रहा बोझ, जानिए पूरी कहानी 

सैयद सलाहुद्दीन के बारे में जानें 

सैयद सलाहुद्दीन जम्‍मू-कश्‍मीर के बड़गाम का रहने वाला है। उसका जन्‍म 18 फरवरी 1946 को बड़गाम में हुआ था। वह 1987 में जम्‍मू-कश्‍मीर में चुनाव भी लड़ चुका है, लेकिन वह हार गया था। 71 वर्षीय सलाउद्दीन पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर में रहता है। सैयद सलाहुद्दीन को अमेरिका ने अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। सलाहुद्दीन कश्मीर में आतंकियों को ट्रेनिंग देता है। सलाहुद्दीन कभी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में रहता है तो कभी पाकिस्तान में। उसकी पत्नी हिंदुस्तान में ही रहती है। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस