नई दिल्ली, प्रेट्र। मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में स्थित एक अवैध कोयला खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए नौसेना ने पांच रिमोट चालित वाहनों को काम में लगाया है। यह जानकारी शुक्रवार को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।

प्रदेश सरकार ने जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ को बताया कि खदान से अब तक एक करोड़ लीटर पानी बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन पास की नदियों से हो रहा रिसाव बचाव अभियान में बाधाएं पैदा कर रहा है।

इस दौरान पीठ ने राज्य सरकार के वकील से जानना चाहा कि क्या उन्होंने अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। इस पर वकील ने कोर्ट को बताया कि अवैध खदान को चलाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। भारतीय वायु सेना ने जरूरी उपकरणों और राहतकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए विमान और हेलीकाप्टर तैनात किए हैं।

बता दें कि शीर्ष अदालत अवैध कोयला खदान में 13 दिसंबर से फंसे 15 श्रमिकों को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने हेतु आदित्य एन प्रसाद की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

Posted By: Arun Kumar Singh

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