पिपरिया (होशंगाबाद), राज्‍य ब्‍यूरो। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के पिपरिया के क्वारंटाइन सेंटर में शनिवार को सादे समारोह में शादी हुई। आठ दिन पहले क्वारंटाइन की गई रेखा साहू ने औबेदुल्लागंज के मनीष साहू के साथ सात फेरे लिए। इसके बाद दूल्हा सहित सभी बाराती बिना दुल्हन के औबेदुल्लागंज लौट गए। अब दुल्हन 25 मई को 10 दिन का क्वारंटाइन पूरा होने के बाद यहां से विदा होगी। 

दोनों को 10 दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया 

पिपरिया के रामनगर कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय रेखा साहू ने औबेदुल्लागंज निवासी मनीष साहू के संग बेरशेवा स्कूल में बनाए गए क्वारंटाइन केंद्र में शनिवार शाम साढ़े छह बजे सात फेरे लिये। अपने भाई के घर पीथमपुर से आई रेखा को प्रशासन ने शासन के नियमानुसार 15 मई को 10 दिन के लिए यहां क्वारंटाइन किया था। रेखा की शादी 23 मई को मनीष साहू से तय थी। युवती के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रशासन व समाजसेवियों ने उसका विवाह तय मुहूर्त पर कराने का निर्णय लिया।

शादी की सभी रस्‍में पूरी की गर्इं 

शनिवार को डेढ़ बजे दूल्हा मनीष दो वाहनों में 13 बारातियों के साथ क्वारंटाइन सेंटर पहुंचा। क्वारंटाइन सेंटर परिसर में ही पंडित शिवकुमार रावत ने दूल्हा-दुल्हन को सात फेरे कराने के साथ सभी रस्में पूरी कराई। दुल्हन के भाई सीताराम साहू व भाभी सोनाली साहू ने कन्यादान किया। इस मौके पर प्रशासन की ओर से अधिकारियों और समाजसेवियों ने दूल्हा-दुल्हन को उपहार में गृहस्थी का सभी सामान भेंट किया। कार्यक्रम में एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी, तहसीलदार राजेश बोरासी, स्कूल संचालक साजी वर्गीस, सुनी वर्गीस व कई समाजसेवी मौजूद रहे। 

25 को विदा किया जाएगा 

एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी ने कहा कि रेखा को 15 मई को क्वारंटाइन किया गया था। जिसे 10 दिन पूर्ण होने के बाद 25 मई को क्वारंटाइन सेंटर से ही विदा किया जाएगा। विवाह समारोह सादगी के साथ संपन्न हुआ है। वर पक्ष के लोगों को ससम्मान उपहार देते हुए विदा किया गया है। मंगलवार को दूल्हा मनीष पिपरिया आएंगे और दुल्हन को विदा कराकर ले जाएंगे। 

प्रशासन ने किया था आमंत्रित

दूल्‍हा मनीष साहू न कहा कि प्रशासन ने हमें विवाह के लिए क्वारंटाइन केंद्र आमंत्रित किया था। अभी क्वारंटाइन के 10 दिन पूर्ण नहीं हुए हैं इसलिए दुल्हन की विदाई नहीं की गई। 

ऐसा विवाह तो माता-पिता भी नहीं करते 

दुल्‍हन रेखा साहू ने कहा कि प्रशासन ने जिस प्रकार हमारा विवाह संपन्न कराया है, ऐसा तो हमारे माता-पिता भी नहीं कर पाते। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि प्रशासन व यहां के समाजसेवी भाइयों ने पूरी व्यवस्था की व उपहार भी दिए हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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