नोएडा, पेट्र। पिछले दस सालों में पूरे देश में शिकारियों ने कुल 384 बाघों की हत्या की है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत एक सवाल के जवाब में यह पता चला है। वहीं 2008 से नवंबर, 2018 के बीच बाघों का कथित तौर पर शिकार करने वाले 961 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

नोएडा के वकील रंजन तोमर द्वारा दायर की गई सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत एक प्रश्न के जवाब में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो या डब्ल्यूसीसीबी ने यह जानकारी दी थी। आरटीआई कार्यकर्ता तोमर ने पिछले दस सालों में शिकारियों द्वारा मारे गए बाघों की संख्या, गिरफ्तार किए गए शिकारी और दोषी ठहराए गए शिकारियों के बारे में डब्ल्यूसीसीबी से जानकारी मांगी थी।

जवाब में कहा गया कि राज्य वन और पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ब्यूरो के अभिलेखों में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले 10 वर्षों में शिकारियों द्वारा मारे गए बाघों की कुल संख्या 384 और बाघों का शिकार करने वाले गिरफ्तार शिकारियों की संख्या 961 है। हालांकि, ब्यूरो ने कहा कि इन मामलों में आरोपियों के दो‍षी ठहराने के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

तोमर ने कहा कि आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि सरकारें शिकारियों द्वारा बाघों की हत्या की जांच करने में सक्षम नहीं हैं इसलिए इस जंगली प्रजातियों को संरक्षित करने या मौजूदा कानूनों में बदलाव करने के लिए एक विशेष पहल की आवश्यकता है, ताकि उन्हें और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। देश में राष्ट्रीय पशु के संरक्षण के लिए सरकार ने 1973 में 'टाइगर परियोजना' लॉन्च की थी। 2014 के आंकड़ों के अनुसार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा 2,226 बाघ हैं। 

Posted By: Arun Kumar Singh